अबूझ पहेली बन गई है राजस्व कर्मचारी अपहरण कांड, अनशन पर बैठी पत्नी

खगड़िया : चार दिनों के बाद भी जिले के नगर थाना क्षेत्र से अपहृत बताये जा रहे सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी दिनेश दास की बरामदगी नहीं हो पाई है. दूसरी तरफ बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारी अपहृत की रिहाई की मांग को लेकर काम बंद कर समाहरणालय के समीप धरना पर बैठ गये हैं. वहीं अपहृत की पत्नी आमरण अनशन पर बैठते हुए अपने पति की जल्द सकुशल रिहाई नहीं होने की स्थिति में आत्मदाह कर लेने की बात कह डाली है.

हालांकि पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी ने मामले के अनुसंधान के लिए सदर एसडीपीओ रामानंद सागर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया है. जिसमें सदर सर्किल इंस्पेक्टर, नगर इंस्पेक्टर, एस.आई.अरविन्द सहनी व चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष को शामिल किया गया. जो मामले के विभिन्न बिन्दुओं पर अनुसंधान कर रही है.

उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी की सुबह राजस्व कर्मचारी ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि “वे खगड़िया जंक्शन अपने एक मित्र को राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन में बिठाने के लिए आये हैं, कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं और उनकी जान खतरे में है”. इतना कह कर उन्होंने फोन काट दिया था और बाद में उसने पुनः अपनी पत्नी की मोबाइल पर अपनी जान खतरे में होने का मैसेज भेजा था. जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. हालांकि उनके मोबाइल से शुक्रवार की सुबह अंतिम मैसेज लगभग 8.58 मिनट पर आया था.

दूसरी तरफ यदि सूत्रों कि मानें तो उस दिन राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन खगड़िया स्टेशन से लगभग 8.10 बजे ही निकल चुकी थी. साथ ही साथ अपहृत बताये जा रहे कर्मचारी का व्यक्तिगत जीवन व सेवाकाल में भी कई उतार-चढाव होने की बातें सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार राजस्व कर्मचारी दिसंबर माह में अपने खाते से साढे तीन लाख रूपये की निकासी कर सरकारी खाते में जमा कराया था. साथ ही उन्हें साढे चार लाख रूपए और जमा करना था.

वहीं घटना के बाद उसकी पत्नी के द्वारा भी बताया गया था कि वो अपनी नौकरी को लेकर विगत कुछ दिनों से काफी तनाव में रहा करते थे. दूसरी तरफ अपनी बच्ची की सर्जरी व सास के इलाज में भी उनके द्वारा मोटी रकम खर्च किये जाने की बातें कही जा रही है. वहीं उन्हें चार माह से वेतन भी नहीं मिला था.

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