नियमावली को नजरअंदाज कर यदि चली नाव तो सीओ होंगे जिम्मेदार : डीएम

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खगड़िया : जिले में आने वाली संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी जय सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में बुधवार को एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं सामंजस्य के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. वहीं वर्षा का नियमित प्रतिवेदन प्रेषित करने एवं उसकी ऑन लाइन इंट्री करने की बातें भी कही गईं. बैठक में बताया गया कि संकटग्रस्त व्यक्ति समूहों की पहचान कर ली गई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निःशक्त,गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को चिन्हित कर लेने की भी बातें बतलाई गईं.
मौके पर जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि सभी अंचलों में पुलिस एवं चलंत चिकित्सा शिविर के लिए एक-एक नाव उपलब्ध कराए जायेंगे. दूसरी तरफ इस अवसर पर आपदा प्रभारी प्रियंका कुमारी ने बताया कि आठ हजार से ज्यादा पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध है एवं 20 हजार और शीट्स की व्यवस्था की जा रही है. वहीं जिले में राज्य खाद्य निगम के 12 गोदामों में कुल 67 लाख 31 हजार 595 किलोग्राम खाद्यान्न की उपलब्धता बतलाई गई. साथ ही आपदा प्रभारी के द्वारा मौके पर बताया गया कि 200 लाइफ जैकेट, 7 महाजाल, 97 सरकारी नाव एवं 127 गोताखोर किसी भी संकट से निपटने के लिए हमेशा तैयार हैं.
मौके पर सिविल सर्जन के द्वारा मानव के लिए 29 एवं पशु के लिए 18 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गई. वहीं जिलाधिकारी ने जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के साथ बैठक कर राहत व बचाव दल का गठन करने का निर्देश देते हुए निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा शीघ्र तैयार कर लेने की बातें भी कहीं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि नाव परिचालन नियमावली की अनदेखी कर कोई नौका का परिचालन करता है तो उसके लिए अंचल अधिकारी जिम्मेदार होगें. वहीं विगत साल में परिचालित नौका मालिकों को भुगतान करने का आदेश मौके पर अंचल अधिकारी को जिलाधिकारी ने दिया.
इस संबंध में सदर एवं परबत्ता सीओ से कारण भी पूछा गया. मौके पर उप विकास आयुक्त अब्दुल बहाव अंसारी, दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सियाराम सिंह, गोगरी के डीसीएलआर संजय कुमार सहित सभी प्रखंडों के पदाधिकारी मौजूद थे.