खगड़िया : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा का अद्भुत नजारा पेश कर रहा यह अस्पताल

खगड़िया : वैसे तो प्रदेश सहित देश में इन दिनों चिकित्सकों के सेवा भाव पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लेकिन इससे इतर जिले के चिकित्सा के क्षेत्र में एक अस्पताल ऐसा भी है जो सेवा का अद्भुत नजारा पेश कर रहा है. जिले के परमानंदपुर स्थित शहीद प्रभुनारायण मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल में इन दिनों फ्री मेडिकल कैम्प में मोतियाबिन्द का ऑपरेशन सहित लैंस का प्रत्यारोपण चल रहा है. मंगलवार की शाम लाइव सिटीज की टीम कैप में पहुंचती है. अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ जुटी है. परिसर में ही एक कुर्सी पर बैठे संस्थान के संरक्षक डॉ.एस.विवेकानंद मरीजों को चिकित्सकीय सलाह देते हुए दिखे.

फ्री मेडिकल कैम्प

लाइव सिटीज की टीम वहां पहुंचती है और मरीजों की भीड़ में खो जाती है. तभी बेलदौर की एक महिला मरीज चिकित्सक के पास पहुंचती हैं और अपना दर्द बयां करती है. डॉ.विवेकानंद उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श देने के बाद पूछते हैं कि इतनी लेट से क्यों पहुंची हैं? जवाब में वह महिला नाव के इंतजार को लेट होने की वजह बताती हैं. फिर डॉ.विवेकानंद द्वारा अस्पताल में ही मरीजों के रहने व खाने का मुफ्त व्यवस्था होने की बात कही जाती है. यकीन मानिए यह सुनकर उस मरीज महिला की आंखों में जो चमक देखी गई उसका शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है.

फ्री मेडिकल कैम्प

इसके उपरांत लाइव सिटीज टीम के द्वारा अपना परिचय दिया जाता है. मौके पर अस्पताल के संरक्षक डॉ. विवेकानंद ने कई भावी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आरोग्य भारती के सहयोग से वर्ष 2018 में जिले को हाइड्रोसिल की समस्या से ग्रस्त मरीजों से मुक्त करने का अभियान चलाया जायेगा. वहीं उन्होंने वर्ष 2019 में हॉर्निया व वर्ष 2020 में बाबासीर रोग से जिले को मुक्त करने का अभियान चलाए जाने की बातें कही. साथ ही उन्होंने इसी वर्ष 4 फरवरी को संस्थान में बिहार व झारखंड के चिकित्सकों का एक सम्मेलन होने की जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से ऐलोपैथ के वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति पर मंथन किया जायेगा.

फ्री मेडिकल कैम्प

मौके पर वह जिले के स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों के असहयोगात्मक रवैया से भी खफा नजर आये. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों रेल हादसे में अपना दोनों पैर गंवा चुकी रिंकी का नामांकण संस्थान में कर लिया गया है और साथ ही उसके लिए विशेष तौर पर निर्मित अलग बाथरूम आदि की व्यवस्था की गई है. उल्लेखनीय है कि रिंकी के पैर प्रत्यारोपण में आ रही आर्थिक परेशानियों को लाइव सिटीज ने प्रमुखता दी थी. मामले के संज्ञान में आने के बाद डॉ.विवेकानंद ने उसे आर्थिक मदद की पेशकश देते हुए संस्थान में नामांकण का ऑफर दिया था. बहरहाल जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अनोखी पहल करती हुई यह संस्थान सेवा भाव का एक उम्दा उदाहरण पेश कर रही है.