बाबा रामदेव की छायाप्रति ‘विनोद विश्वास’ महायज्ञ में सीखा रहे हैं योग

खगडिया (मुकेश कुमार मिश्र): जिले के गोगरी प्रखंड के समसपुर स्थित जवाहर उच्च विद्यालय परिसर में परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहे 9 दिवसीय श्री विष्णु यज्ञ सह श्रीमद भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में योगाचार्य विनोद विश्वास लोगों को प्रत्येक दिन योगाभ्यास करा रहे हैं और इस योग शिविर में बालक सहित काफ़ी लोग भाग भी ले रहे हैं. भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत भ्रमरपुर निवासी तारणी शर्मा के चौथे पुत्र 25 वर्षीय योगाचार्य विनोद विश्वास घर-घर में योग व प्राणायाम पहुंचाने में जुटे हुए हैं ओर उनकी कोशिश है कि पंच क्रम आयुर्वेद चिकित्सा के द्वारा लोगों को पुराने असाध्य रोगों से निजात दिलाया जाये.

एक साधारण परिवार में जन्मे विनोद विश्वास आज एक कुशल योगाचार्य हैं. अपने लचीले शरीर एवं अथक मेहनत के बाद उन्होंने इस विधा को हासिल किया है. वर्ष 2005 में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर जी की संस्था की ओर से भ्रमणपुर गांव में नव चेतना शिविर भी लगाया था. जिसमें विनोद विश्वास ने बढ-चढकर हिस्सा लिया था. वर्ष 2009 में बंगलौर स्थित श्री श्री रवि शंकर जी ने आश्रम में रहकर उन्होंने योग विद्या प्राप्त किया तथा साथ ही नवचेतना शिविर,योग क्रिया, सुदर्शन क्रिया की भी शिक्षा प्राप्त की.

वर्ष 2013 में बंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद प्रेस सम्मेलन के मौके पर डाक्टर जय नारायण के सहयोग से उनकी मुलाकात योग गुरु राम देव बाबा से हुई. विनोद विश्वास का कठिन से कठिन योग क्रिया को देखकर राम देव बाबा भी अचंभित हो गए ओर उन्होंने उन्हें अपनी छायाप्रति बताया. योगाचार्य विनोद विश्वास वर्ष 2015 में बंगलुरु से वापस घर अंग की धरती भ्रमरपुर पहुंचे और कुछ समय भटकने के बाद परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के शिष्य ने बन गये. आज स्वामी जी के निर्देश पर योगाचार्य विनोद विश्वास गांव-गांव जाकर योग की अलख जगा रहे हैं.

 

इस क्रम में दर्जनों गांवों में योग शिविर का आयोजन वो कर चुके हैं. स्कूली बच्चों को वो विशेष योग प्राणायाम क्रिया से अवगत कराते हैं. वहीं योगाचार्य विनोद विश्वास ने बताया कि बिहार के प्रत्येक घर में योग क्रिया का संदेश पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित हैं. वहीं उन्होंने “घर-घर में योग अपनाना हैं. बीमारी को दूर भगाना हैं” का भी नारा दिया. मौके पर उन्होंने कहा कि रोगों से बचाव का एक मात्र साधन योग है. योग क्रिया मस्तिष्क के साथ-साथ पूरे शरीर में स्फूर्ति लाता हैं.

वहीं उन्होंने लोगों से प्रत्येक दिन कुछ समय निकालकर योग क्रिया करने की सलाह दी. उल्लेखनीय है कि योगाचार्य विनोद विश्वास को बंगलुरु के आयुर्वेद चिकित्सक डाक्टर निखिल, डाक्टर नवीन, डाक्टर जय प्रकाश नारायण ने काफी मदद की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वहीं बिहार में भास्कर ठाकुर,मिलटन कुमार, शिव कांत शर्मा, डी. के. झा,राजीव कुमार, अजीत झा, करुणा कुमार झा,डाक्टर दीपक मिश्रा ,महेन्द्र मंडल, सुमित भगत, संजीव कुमार, मुन्ना जी, आशु कुमार, माधव सहित शिव शक्ति योग विद्या पीठ नवगछिया के सदस्य उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बने.

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इन्टर तक की पढ़ाई पूरी करने वाले योगाचार्य विनोद विश्वास एक नई मुकाम हासिल कर लोगों की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया है.योगाचार्य विनोद विश्वास के पिता भी बेटे के इस कार्य को देखकर काफी खुश हैं और लोगों के बीच बेटे की लोकप्रियता सुनकर उनका भी का सिर आज गर्व से ऊंचा हो जाता है.