सोचकर चिंतित हैं सब कि सुवन कैसे बनेगी सुहागन!

खगड़िया : सड़क दुर्घटनाओं में माला देवी की मौत के बाद जहां पुरुष चिंतित हैं, वहीं महिलाओं के आंखों से अश्रुधारा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है और साथ ही महिलाएं रह-रहकर कह उठती है अब सुवन कैसे बनेगी सुहागन!

गौरतलब है कि अलौली थाना अंतर्गत बहादुरपुर संकुल के मध्य विद्यालय गौराचक की रसोइया माला देवी गुरुवार को स्कूल जाने के क्रम में एक ट्रक के चपेट में आ गई थी. घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. माला की मौत की खबर जंगल में आग की तरह क्षेत्र में फैल गई.

मृतका माला देवी गौराचक निवासी रामबालक महतो की पत्नी बतायी जा रही है. उनके मौत से गांव में मातमी सन्नाटा के साथ ही पड़ोसी एवं ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ झलकती रही है. माला देवी के पति लगभग 10 साल से घर नहीं आ रहे हैं. वे परिवार के भरण पोषण हेतु कमाने के लिए परदेश गए थे लेकिन वो वापस घर नहीं लौटे.

इधर माला घर को चलाने के लिए रसोइया का काम करने लगी. जानकार बताते हैं कि तीन लड़की में रेनू कुमारी एवं रूमन कुमारी की शादी हो गई है. किंतु अभी भी सुवन कुमारी शादी के लिए बची हुई हैं. एक तो 10 साल से पति का घर नहीं आ रहा है. वहीं एकाएक स्कूल जाने के क्रम में माता की मौत ट्रक के चपेट में आ जाने से हो गई.

ऐसे में अब सुमन की शादी कैसे होगी, इस बात को लेकर सभी चिंतित हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत दयनीय बतायी जा रही है. परिवार की माली स्थिति को देखते हुए ग्रामीण स्थानीय प्रशासन से उचित मुआवजा की मांग कर रहे हैं. वही विद्यालय परिवार भी माला देवी के मौत की खबर से मर्माहत है.