…और सोशल साइट पर सज गई पत्रकारों की महफिल

खगड़िया : पुलिस सप्ताह के अवसर पर रविवार की देर शाम पुलिस केन्द्र में आयोजित सम्मान समारोह में पुलिस कर्मियों, पत्रकारों सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के आमजनों को पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह द्वारा सम्मानित किये जाने के बाद सोशल साइट पर पत्रकारों की ऐसी महफिल सजी जिसकी किसी ने कल्पना तक ना की थीं. वाद-विवाद का ये सिलसिला आज तीसरे दिन भी कायम है.

दरअसल पुलिस कप्तान ने मीडियाकर्मियों को सोशल साइट के माध्यम से ही कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण दिया था. परंपरागत रूप से उन्होंने इस आमंत्रण में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकर्मियों का जिक्र किया था. हालांकि इसमें पुलिस कप्तान की मंशा में कहीं कोई खोट नहीं थीं, बावजूद इसके डिजिटल मीडियाकर्मियों ने खुद के आमंत्रण नहीं होने की चुटकी ली.
इस पर प्रिंट मीडिया के एक पत्रकार ने पौराणिक आमंत्रण पद्धति ‘हकार’ का जैसे ही उल्लेख किया कि सोशल साइट पर शब्दों के बाण टूट पड़े. बहस इतनी गंभीर हो गई कि कार्यक्रम में सम्मानित कुछ व्यक्तियों के चयन पर ही सवाल खड़ा किया जाने लगा. हालांकि इस बीच पुलिस कप्तान ने मुद्दे पर समीक्षा की बात भी कही लेकिन बहस का वो दौर अनवरत जारी रहा.
उल्लेखनीय है कि पुलिस कप्तान द्वारा सामाजिक सौहार्द कायम रखने में अहम भूमिका निभाने वाले सैकड़ों पुलिस-पब्लिक कोशी कार्यक्रम में सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र दिया गया था. कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि यह कार्यक्रम स्थानीय पत्रकारों के आपसी सौहार्द में तकरार पैदा कर गया. मामला कुछ पत्रकारों के सम्मानित करने का भी था.