जदयू : चुनाव था या फिर नौटंकी ?

खगडिया : चुनाव लोकतंत्र का एक खुबसूरत त्योहार है. अगर इस त्योहार में खलल पड़ जायें तो दर्द स्वभाविक है. कुछ ऐसा ही मामला सोमवार को सदर प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए आहूत जदयू के सांगठनिक चुनाव में देखने को मिला.

शहर के रेडक्रॉस भवन में निर्वाचन पदाधिकारी संग पार्टी के कार्यकर्ता व वोटर के रूप में संगठन के क्रियाशील सदस्य जमा हुए. प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए रंजना कुमारी और प्रभाकर चौधरी के रूप में दो उम्मीदवारों ने अपना-अपना दावा भी पेश किया, लेकिन निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति नहीं बनने के कारण गुप्त मतदान की जगह फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड दिया गया. ऐसे में जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं के मुख से आक्रोश में कहते सुना गया कि चुनाव था या फिर नौटंकी ?khag4

एक ऐसा ही मामला रविवार को संपन्न हुए गोगरी प्रखंड जदयू अध्यक्ष पद के चुनाव में भी देखने को मिला था. निर्वाची पदाधिकारी साधना देवी की उपस्थित में सुजित कुमार सुमन को एक तरफ निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया. वहीं दूसरी तरफ पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षक रूदल राय, जिला निर्वाचन पदाधिकारी साधना देवी एवं बेलदौर विधान सभा के पर्यवेक्षक सह राज्य परिषद सदस्य अशोक सिंह ने पार्टी के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि 27 नवंबर को गोगरी प्रखंड अध्यक्ष के चुनाव में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अध्यक्ष के मनोनयन लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकृत किया जाता है.

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