और खबर पढ़कर भड़क गये नेताजी

खगड़िया : ‘बगैर घूस का फूस का घर बन गया ईट का’ शीर्षक से ‘लाइव सिटिज’ पर गुरूवार को प्रकाशित खबर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दलित युवा संग्राम परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पासवान शास्त्री कुछ यूं भडक गये कि उन्होंने खबर की सार्थकता पर ही सवाल खडा कर दिया. जबकि खबर के बाद विभिन्न राजनीतिक व गैर-राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने मामले को गंभीर बताया.

 

 

मामला मानसी प्रखंड के एक परिवार के फूस के घर को कागजों पर ईट-खपडैल पर दिखा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से बंचित या लंबित करने का था.मामले का एक स्याह सच यह भी है कि ऐसी प्रतिक्रिया उस संगठन के एक नेता की तरफ से आई है जो दलितों व शोषितों की आवाज बुलंद करने का दंभ भरने का दावा करती है.वो भी ऐसी स्थिति में जब एक गरीब अपने हक के लिए दर-दर भटक रहा हो.ऐसे में मामले को बगैर जांचे-परखे पीडित पर ही दोषारोपन करना उनकी मांसिकता को वयां करता है.भले ही नेता जी भूस व ईट-खपडा वाले परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलने की बात कहते हो लेकिन वो ये भी भूल गये कि कागजों पर यह परिवर्तन लाभुकों का नाम प्राथमिक सूचि में नीचे कर जाता है.चर्चाओं का माहौल गर्म है नेताजी खुद भी ग्रामीण आवास सहायक के पद पर जिले के गोगरी प्रखंड में कार्यरत है. शायद इसलिए उनकी तरफ से ऐसी प्रतिक्रिया आई है.