किशनगंज: दहेज हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा, पति और सास को 10 साल कैद

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किशनगंज: वैसे तो दहेज प्रथा के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कई संगठनों द्वारा वर्षो से जागरुकता अभियान चलाया जाता रहा है। बावजूद इसके दहेज की कुव्यवस्था दूर होने का नाम नही ले रहा है. दहेज लेना और देना धनवानों के लिए भले ही रुतबा माना जा रहा हो लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए यह अभिशाप साबित हो रहा है. दहेज के कारण विवाहितों की हत्या की घटनाओं इजाफा समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है.

ताजा मामला किशनगंज का है जहां पत्नी की हत्या करने के मामले में पति व सास को एडीजे सत्येन्द्र पांडे की अदालत ने शुक्रवार को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा दी. किशनगंज निवासी नूरी खातून को उनके पति अकबर व सास अहनुलिया ने दहेज नहीं देने के कारण जुलाई 2015 को हत्या कर दी.

पीड़िता के पिता अब्दुल जफार के आवेदन पर किशनगंज पुलिस ने थाना कांड संख्या 278/2015 दर्ज कर अभियुक्तों के विरुद्ध जांचोपरांत न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किए.

अभियोजन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों को सही पाकर एडीजे सत्येन्द्र पाण्डे की अदालत ने अभियुक्त अकबर व अहनुलिया को दहेज हत्या से संबंधित भादवि की धारा 304 बी में दोषी पाकर दस-दस साल का सश्रम कारावास की सजा दी.

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