नालंदा: महादलित बाप – बेटे की हत्या मामले में डीएम ने लिया एक्शन, खनन विभाग पर चला डंडा

नालंदा (संतोष कुमार): नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के नदियौना गांव में पांच दिन पूर्व महादलित पिता-पुत्र के हत्यारों को पकड़ने में पुलिस निकम्मी साबित हुई है. हत्या के आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस बड़े-बड़े दावे तो कर रही है लेकिन जमीन पर उसका काम नहीं दिख रहा है. इधर नालंदा में अवैध बालू उठाव के खेल में 25 अप्रैल को दो लाशें गिरने के बाद नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह ने खनन एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक घनश्याम दास के कामकाज पर जांच बैठा दी है.

डीएम ने साफ तौर से अपने पत्र में जिक्र किया है कि ऐसी शिकायतें मिल रही है कि विभाग के सहायक निदेशक बालू माफिया से सांठगांठ कर अवैध खनन का उद्योग चला रहे हैं. बीते साल नवंबर माह में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था जिसका आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया है. डीएम ने कार्रवाई का आधार अस्थामा विधायक जितेंद्र कुमार के पत्र को भी बनाया है जिसमें उल्लेख है कि अवैध खनन की शिकायत करने पर सहायक निदेशक ने कभी कार्रवाई नहीं की.

बता दें कि दो डीएसपी के नेतृत्व में 4 थाने की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. मृतक के परिजन रंगीला बीघा निवासी रविंद्र कुमार, बसंत कुमार यादव एवं महानंदपुर गांव निवासी मनोज यादव समेत कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है. बालू उठाव के विरोध पर घटना को अंजाम दिया गया था.

पुलिस भी घटना के कारण बालू उठाव मान रही है. वारदात के बाद सभी आरोपी फरार बताया जाते हैं. हत्याकांड के बाद गांव में दहशत का आलम है. एसपी निलेश कुमार ने बताया कि बालू उठाव विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है. हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है. जैसा कि घटना के बाद बड़ी घटना के बाद दावे किए जाते हैं वैसे ही नदियौन गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस बालू के अवैध धंधेबाजों पर नकेल कसने की योजना बना रही है.

एसपी ने बताया कि सभी थानेदार को अवैध बालू उत्खनन पर शक्ति से रोक लगाने का निर्देश दिया गया है. नागरिकों को जल्द ही पुलिस की सख्ती देखेगी.

सूत्र की मानें तो अवैध खनन पर नकेल कसने में कोताही बरतने वाले कई थानेदार एसपी के रडार पर आ चुके हैं. चुनाव के बाद थानाध्यक्ष कार्रवाई की गाज गिर सकती है. तनाव को कम करने के लिए गांव में पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की है. इस बैठक में एसडीओ जनार्दन अग्रवाल, डीएसपी इमरान परवेज के अलावा कई अधिकारी शामिल थे. गांव में पुलिस पिकेट की स्थापना कर दी गई है.

बता दें कि नदियौना गांव में विष्णु देव मांझी एवं उनके पुत्र आनंदी मांझी घर के बाहर सोए थे. इसी दौरान बाइक पर सवार करीब 4-5 अपराधी आये और पिता पुत्र को गोलियों से छलनी कर फरार हो गए. बालों को लेकर नालंदा में खूनी खेल होना कोई नई बात नहीं है. पिछले दो साल में करीब एक दर्जन लोगों की लाशें गिर चुकी है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*