गर्मी में पेयजल की समस्या से परेशान हैं ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी, जुगाड़ से बुझा रहे प्यास

नालंदा (संतोष कुमार): गर्मी के मौसम के दस्तक देते हीं पेयजल की समस्या ने आम लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की बेचैनी को और बढ़ा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे तापमान के ईजाफे ने सभी जलस्रोतों पर अपना जबरदस्त प्रभाव दिखा रहा है. जिसके कारण छबिलापुर थाना में लगे दो चापाकल के फेल हो जाने और एक बोरिंग प्लांट ने पानी उगलना बंद कर दिया है. फिर भी यहां के पुलिसकर्मी बूंद- बूंद शुद्ध पेयजल के अभाव में सुखते हलक के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं.

जब भी प्यास लगती है तो इनको आस पास तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित वैकल्पिक जलस्रोतों से पानी लाने का जुगाड़ लगाकर प्यास बुझाने की विवशता देखी जा रही है. यही नहीं इनके दिनचर्या से जुड़े अन्य गतिविधियां भी पानी की समस्या के कारण बुरी तरह से प्रभावित है. मगर फिर भी अपनी दिन रात की ड्यूटी पर इन्हें मुस्तैदी से देखा जा सकता है.

इस दौरान बारिकी से की गई पड़ताल में उभरकर सामने आया कि, इन्हें जनता की सुरक्षा के ड्यूटी के बाद यानी ड्यूटी आवर के बाद पानी आराम फरमाने के टाइम में पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है.

इस बावत थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी एवं कर्मी बताते हैं कि थाना के बाहर क्षेत्र विधि व्यवस्था तथा नागरिकों की सुरक्षा की चिंता तो रहती है. लेकिन थाना परिसर पहुंचते ही पानी की समस्या तथा उसकी व्यवस्था में अतिरिक्त थका देने वाली जुगत में भिड़ना पड़ता है. वहीं उन्होंने बताया कि इस परिसर में लगे सभी चापाकल बंद हो चुके हैं जबकि एक समरसेबुल प्लांट ने भी पानी उगलना अब बंद कर दिया है. जिसके कारण  हम सभी को यहां से दूर स्थित जलस्रोतों से पानी मंगाना और लाना पड़ता है. उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए आगे बताया कि कभी कभार तो  पेयजल के लिये दूकान से बोतलबंद  पानी भी खरीदना पड़ता है.

फिलहाल अपनी डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को, पेयजल की समस्या के बीच उनकी प्यास ने उन्हें अभी तक डिगने नहीं दिया है. मगर ये विडंबना नहीं तो और क्या है कि शहर की सुरक्षा तथा विधि व्यवस्था में जुटे पुलिस के लिए बढ़ते तापमान वाली इस गर्मी के मौसम को देखते हुए संबधित विभाग द्वारा अभी तक राहत तथा सुविधा नहीं निर्गत कराई जा सकी है. जब इन पुलिसकर्मियों को उनके थाने में यह हाल है. तो यहां रिपोर्ट लिखाने पहुंचे पीड़ित तथा हिरासत में रखे जाने वाले आरोपियों की प्यास बुझाने जाये जाने की परिकल्पना बेकार है. वहीं  आसानी से कयास लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में भी निकट भविष्य में इस समस्या से जुड़े आम जनता की विकराल परेशानी सामने उभरकर आने की प्रबल संभावना है.

उधर दूसरी ओर  लगातार घटते  भूमिगत जल स्तर की समस्या विकराल तथा चिंताजनक होती जा रही है. हालांकि इस क्षेत्र में पीएचईडी विभाग द्वारा घर घर नल जल पहुंचाने की योजना के तहत कहीं कहीं पाइप लाइन को बिछाया तो गया है. लेकिन नीम पर चढ़ा करेले का स्वाद कहावत यह है कि इस  थाना परिसर में उक्त विभाग का एक भी  पाइप लाइन का कनेक्शन की पहुंच बन नहीं पाई है.

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