नवगछिया: हत्या मामले में भाजपा नेता को मिली 7 साल की सजा

नवगछिया/भागलपुर: आन के घमंड में लोग इंसानियत को भूल जाते हैं. चाहे वो नेता हो या कोई और. इसी आन के कारण लगभग 18 साल पुराने एक केस में पीरपैंती के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष(भाजपा) आशुतोष सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को एडीजे(सात) विनय कुमार मिश्रा ने सात साल की सश्रम कारावास की सजा सहित 50 हजार का जुर्माना ठोका.

क्या था मामला:

वर्ष 2000 की ये घटना है. पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंतपुर गांव में 14 अप्रैल की सुबह सूर्यनारायण सिंह अपने 20 वर्षीय पोते हितेश कुमार उर्फ बबलू सिंह के साथ अपने घर के बाहर बैठे थे. दोनों आपस में बातचीत कर रहे थे. इस बीच पड़ोस के ही एक ट्रैक्टर चालक रामस्वरूप गौढ़ भी वहां पर आ गए. फिर थोड़ी देर बाद वहां पर मुन्ना सिंह ट्रेक्टर लेकर आया और उसमें खेत जोतने वाला हल लगाने लगा. हल लगाते वक़्त रामस्वरूप गौढ़ ने मुन्ना सिंह को अपना खेत जोतने के लिए कहा. साथ ही कहा कि खेत में अरहर कि खूंटी भी उखाड़नी है. जो पहले से लगी हुई है. तभी सूर्यनारायण सिंह ने कहा कि कल तक लोग मुझसे खेत जोतने के लिए खुशामद करते थे. ये बात सुनते हीं मुन्ना सिंह गुस्से से आगबबूला हो गए.

वहीँ गुस्से में उन्होंने सूर्यनारायण सिंह का गर्दन पकड़कर मारपीट करना शुरू का दिया. इस बीच सूर्यनारायण सिंह के पोते बबलू उस लड़ाई को छुड़ाने लगे. फिर इसके बाद मुन्ना सिंह धमकी देते हुए चले गए कि आज तुम्हारा वंश खत्म कर दूंगा. कुछ देर बाद मुन्ना सिंह घर से रायफल लेकर निकल गए.

इधर बबलू की बहन रीना उधर से चिल्लाते हुए आई कि मुन्ना चाचा रायफल लेकर आ रहे हैं. लोग जबतक सतर्क होते, मुन्ना सिंह ने रायफल से फायर कर दिया. रायफल की गोली बबलू के पेट के आरपार हो गई. तत्पश्चात उसे पीरपैंती के रेफरल अस्पताल ले जाया गया. जहां से उसे मायागंज अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दरम्यान बबलू की मौत हो गई. कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान मुन्ना सिंह को 304 व 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया. जिसके बाद कोर्ट के द्वारा सजा सुनाई गई. इस मामले में सरकार के तरफ से अपर लोक अभियोजन जयकरण गुप्ता ने बहस में भाग लिया था.

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