अर्जित चौबे की गिरफ्तारी वारंट के लिए बिना केस डायरी के पहुंचे पुलिस, कोर्ट ने लौटाया

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अर्जित शाश्वत चौबे

नवगछिया/भागलपुर: बीते 17 मार्च को भागलपुर क्षेत्र की कुछ जनता ने साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ कर एक बार पुनः कलंकित कर दिया. जिससे लोग डरे सहमे से हैं. जहां प्रशासन के द्वारा अभी तक नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. वहीं ये मामला काफी संवेदनशील होते जा रहा है. भागलपुर प्रशासन के अनुसार दंगा के लिए जिम्मेदार नामजद आरोपी में एक भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके अर्जित शाश्वत चौबे का नाम भी है. वहीं इनकी गिरफ्तारी के लिए नाथनगर इंस्पेक्टर कोर्ट गए थे. जहां वो कोर्ट से इनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट निर्गत करवाना चाहते हैं. परंतु इंस्पेक्टर को लगातार दो दिन कोर्ट ने झटका दिया.

कोर्ट ने जहां पहले दिन कहा कि इस घटना में और भी आरोपी हैं तो सिर्फ अर्जित चौबे की गिरफ्तारी के लिए वारंट क्यों मांगा जा रहा है. आप अन्य आरोपियों के लिए भी इस तरह की कानूनी प्रक्रिया पूरी करें. फिर जब दूसरे दिन इंस्पेक्टर के द्वारा पुनः वारंट हेतु कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया तो एक बार पुनः अदालत ने कहा कि आपकी अर्जी के साथ केस डायरी नहीं लगी हुई है. पहले आप अड्डतन केस डायरी के साथ पीपी से रेकोमेंड कराकर अर्जी दीजिये.

वहीं अर्जित शाश्वत चौबे लगातार मीडिया में बोल रहे हैं कि प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए ये एफआईआर किये हैं. साथ ही वो चुनौती भी देते आ रहे हैं कि प्रशासन मुझे गिरफ्तार करें. मैं अपने घर पर रहता हूं.

आपको बता दें कि अर्जित चौबे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री सह बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे के पुत्र हैं.

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