17 में से सात खदानों को मिली पर्यावरणीय स्वीकृति

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नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) : जिले में पिछले 18 माह से बंद पड़े 18 में से सात पत्थर खदानों में खनन कार्य आरम्भ कराने का रास्ता साफ हो गया है. ऐसा राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकार द्वारा स्वीकृति प्रदान करने के बाद हो सकेगा. इसकी प्रति प्राधिकार ने सहायक खनन निदेशक को उपलब्ध करायी है. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगले वित्तीय वर्ष से खनन कार्य आरंभ होना तय माना जा रहा है. पर्यावरण प्राधिकार से स्वीकृति प्राप्त नहीं होने के कारण इन खदानों में खनन कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा था. इनमें चार पहाड़ सदर प्रखंड के गोनी व तीन रजौली में हैं.


जनवरी में हुई थी निविदा : जिला प्रशासन ने सदर प्रखंड के गोनी व रजौली के कुल 17 भूखंडों की निविदा वर्ष 2015 के जनवरी में करायी थी. निविदा के साथ ही सैद्धांतिक रूप से खनन की स्वीकृति अपनी ओर से जिला प्रशासन ने दे दी थी. बावजूद पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से खनन कार्य बंद पड़ा था, जिससे राजस्व को क्षति हो रही थी. दो माह पूर्व जिला प्रशासन द्वारा लोक सुनवाई क्रे क्रम में सभी 17 खदानों को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान करने की अनुसंशा की थी, जिसमें से सात की स्वीकृति सिया ने दी है.
राजस्व की हो रही थी क्षति : पर्यावर्णीय स्वीकृति नहीं मिलनें से न केवल अनुज्ञप्तिधारियों को परेशानी हो रही थी बल्कि करोड़ों रूपये राजस्व की क्षति भी हो रही थी. अब पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से विभाग ने भी कुछ हद तक राहत की सांस ली है.

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रद्द करने की दी थी चेतावनी : इस क्रम में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य में लगातार पिछड़ रही खनन विभाग ने एक सप्ताह पूर्व सभी दस प्रस्तावित पट्टाधारकों को राॅयल्टी नहीं जमा करने पर अनुबंध को रद्द करने की चेतावनी दी थी. इब पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पट्टाधारकों के साथ ही विभाग ने भी राहत की सांस ली है.
कहते हैं अधिकारी : पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से विभाग ने राहत महसूस की है. अब राजस्व में वृद्धि होना तय है. वैसे अभी 10 की स्वीकृति मिलनी शेष है. आशा है जल्द ही इसकी भी स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी.
एम के मिश्र, सहायक खनन निदेशक, नवादा

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