नवादा में मनाई गई देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती

नवादा (पंकज कुमार सिन्हा) : रविवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 133वीं जयंती जिला कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई. वरीय कांग्रेस नेता रोहित सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद हमेशा से एक अच्छे विद्यार्थी के रूप में जाने जाते थे. उन्हें हर महीने पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप के रुप में 30 रुपये मिलता था. उनकी एग्जाम सीट को देखकर एक एग्जामिनर ने कहा था कि एग्जामनि इज बेटर देन एग्जामिनर.

रोहित सिन्हा ने कहा कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद आधुनिक भारत के निर्माता के रुप में भी जाने जाते हैं. गरीबी से रहकर उन्होंने यह दिशा देने का काम किया कि किस तरह विषम परिस्थितियों में भी काम किया जा सकता है. वह अपने बुद्धि विवेक और कार्य क्षमता के आधार पर देश के प्रथम राष्ट्रपति बनने का सौभाग्य प्राप्त किया.

यूथ कांग्रेस के गोपाल कुमार ने कहा कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद द्वारा ही देश में 2 जनवरी 1954 से भारत रत्न अवार्ड की शुरुआत की गई थी. इससे पहले भारत रत्न केवल जीवित व्यक्ति को ही प्रदान किया जाता था. राजेंद्र प्रसाद ने मरणोपरांत भी इस रत्न को देने की घोषणा की थी. देश का सर्वश्रेष्ठ सम्मान भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद को 1962 में प्रदान किया गया था.

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के पद को भी सुशोभित किया था. जयंती समारोह के मौके पर रजनीकांत दीक्षित, एजाज अली मुन्ना, नदीम हयात, तारिक अनवर, मुंद्रिका प्रसाद यादव, फखरुद्दीन अली अहमद, मोहम्मद कलीम, मोहम्मद नसीम, शक्ति कुमार, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, राजेश कुमार, मोहम्मद साकिब, राजेश रंजन, धनु कुमार, संतोष, ओंकार, राहुल, नवीन, गुड्डू प्रताप तथा विकास कुमार भी मौजूद थे.

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