मंडलकारा के बंदी अपराध को छोड़ जानेंगें स्वरोजगार के गुर

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नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया): मंडल कारा में बंद कैदियों के परिजनों के लिये अच्छी खबर है. अब उनके परिजन जेल से स्वरोजगार के गुर जानने के बाद बाहर आयेंगे ताकि जेल से बाहर आकर वे अपना स्व रोजगार आरंभ कर अपराध की दुनिया को टा-टा, बाय-बाय कह सकें. जेल प्रशासन ने योजना पर काम आरंभ कर दिया है. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो योजना जल्द ही धरातल पर उतरेगा.


योजना के तहत प्रथम चरण में सत्तू पिसने का मिल, कस्टिक सोडा, फिनाइल व बेकरी जैसे कुटीर उद्योग लगाये जाने है. इसकी मौखिक स्वीकृति कारा विभाग ने प्रदान की है. योजना को धरातल पर उतारने के लिये कारा प्रशासन ने अपनी ओर से तैयारियां आरंभ कर दी है. उम्मीद है जल्द ही योजना धरातल पर उतर सकेगी.

आदर्श कारा में होगा तब्दीलः-

कुटीर उद्योग की योजना धरातल पर उतरने के साथ ही मंडल कारा आदर्श कारा में तब्दील होगा तथा इसे एक नयी पहचान मिल जाएगी. इसके साथ ही कइ मामले में जेल प्रशासन आत्मनिर्भर भी हो सकेगा. इसके धरातल पर उतरने से सत्तू, साबुन, सर्फ, फिनाइल के साथ ही ब्रेड जैसे आइटम के लिये जेल प्रशासन कों किसी दूसरे पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा. वर्तमान इन सामानों को मुजफ्फरपुर से मंगवाना पड़ रहा है. मंडल कारा में कुटीर उद्योग की स्थापना होने से यहां के बंदियों को ताजा व उनके स्व निर्मित ताजा सामान खाने को मिल सकेगा. अत्यधिक सामानों के निर्माण होने के बाद उनकी आपूर्ति अन्य जेलों में भी की जा सकेगी. इससे जेल प्रशासन की आय में वृद्धि होगी तो उसका भुगतान कार्यरत बंदियों को भी किया जा सकेगा. यहां तक कि इसमें दक्ष बंदियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य जेलों में भी भेजा जा सकेगा.

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कपड़ा उद्योग लगाने की भी है योजनाः-

इन सबों के अलावे मंडल कारा में कपड़ा उद्योग लगाये जाने की भी योजना है. इसके लिये कारा विभाग के बड़े अधिकारियों से बातें आरंभ की गयी है. कपड़ा उद्योग के चालू होने से बंदी अपने वस़्त्रों का स्वयं तैयार कर सकेगें. वर्तमान में इनके लिये अन्य जगहों से कपड़े मंगवाये जा रहे हैं. उद्योग के चालू होने से कपड़ों की आपूर्ति दूसरे जेलों को की जा सकेगी जिसका लाभ कार्यरत बंदियों को प्राप्त हो सकेगा.
564 बंदी है जेल मेंः-

फिलहाल मंडल कारा में 564 बंदी विभिन्न अपराधों में बंद हैं. इनमें से महिला बंदियों की संख्या 11 है.


क्हते हैं अधीक्षकः-

मंडल कारा में कई प्रकार के कुटीर उद्याोग लगाये जाने की योजना पर कार्य आरंभ किया गया है. आशा जल्द ही योजना मूर्त रूप लेगा इससे जेल की छवि सुधरेगी तथा बंदियों को रोजगार का अवसर प्राप्त हो सकेगा.
रामाधार सिंह, कारा अधीक्षक, नवादा

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