योजनाएं हैं, एजेंसियां हैं, लोग हैं, फिर भी स्वरोजगार को लेकर स्थिति सुखद नहीं…कहीं कुछ कमी तो नहीं!

नवादा (पंकज कुमार सिन्हा): ज़िले के नारदीगंज प्रखंड में ‘हमारा पंचायत, हमारा रोजगार’ के तहत एक बैठक हुई. राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के तत्वाधान में बैठक में नारदीगंज प्रखंड के गोत्राइन में दलित टोला में आयोजित की गई. बैठक में दर्जनों महिला—पुरुषों ने अपनी-अपनी समस्याओं को रखा. महिलाओं ने स्वरोजगार को लेकर बताया गया कि हमलोग भूमिहीन हैं, कोई रोजगार नहीं है. ग्रामीण कुंती देवी ने कहा कि हमलोग टोले के सभी महिलाओं ने स्वरोजगार की ट्रेनिंग भी हासिल किया है जिसमें चूड़ी, सिलाई, मुर्गी पालन इत्यादि का प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इसके बाबजूद आज तक रोजगार नहीं मिला.

बैठक में जिला समन्वयक दलित मानवाधिकार अभियान के धर्मदेव पासवान ने कहा कि आज भी स्वरोजगार हेतु करोड़ो के बजट जिला स्तर पर उपलब्ध हैं. अधिकारियों की लापरवाही के कारण गरीबों तक रोजगार नहीं पहुंच पाया है जबकि सरकार की प्राथमिकता है कि सभी को रोजगार ,शिक्षा के साथ स्वरोजगार. वंचितों को उन्हें सशक्त करने में मददगार हो. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में नावार्ड जैसी बड़ी एजेंसी है, स्वरोजगार को बढ़ावा देने की योजनाएं हैं जिसके तहत गांव—गांव तक वंचितों को स्वरोजगार से जोड़ना है.

नवादा के नारदीगंज प्रखंड में ‘हमारा पंचायत, हमारा रोजगार’ के तहत बैठक

नावार्ड भी इन लोगों के साथ भेदभाव कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सैकड़ों योजनाएं संचालित हैं लेकिन किसी भी स्वरोजगार योजना का सफल नहीं होना प्रशासन की लापरवाही के पुख्ता सबूत हैं, जिसे नकारा नहीं जा सकता. कई महिलाओं ने कहा कि हमलोग स्वरोजगार के लिए इच्छुक हैं. वावजूद कुछ नहीं कर पाती हूं. डॉली देवी कहती हैं कि हमलोग मनिहारी की दुकान, फेरी, चूड़ी दुकान खोलना चाहती हूं, लेकिन सरकार की योजनाओं की जानकारी नहीं है. ऐसी कई महिलाएं रीता कुमारी, अनिता देवी, गौरी देवी, धनमंती देवी जैसे दर्जनों महिला स्वरोजगार के अवसर पाना चाहती हैं.

नवादा के नारदीगंज प्रखंड में ‘हमारा पंचायत, हमारा रोजगार’ के तहत बैठक

जिला समन्वयक ने आगे यह भी कहा कि दलितों को आर्थिक रूप से सशक्त करने हेतु दर्जनों दलित महिलाओं को ऋण के बारे में विस्तार से बताया गया. सभी महिला पुरुष ऋण प्राप्त करने के बारे में विस्तार से बताये और कहा कि अनुसूचित जाति के वैसे लोगों को अजाविनि विभाग, मत्स्य विभाग, गव्य पालन जैसे विभाग में बैंक के माध्यम से ऋण मुहैया कराया जाता है. जिसमें पैंतीस हजार की राशि स्वीकृत कराई जाती है. दस हजार अजाविनि अनुदान राशि मुहैया कराती है और इस पैसे से स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने तथा अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें.

नवादा में पेट्रोलियम उत्पाद के बचाव किये जाने की शपथ दिलाई गई

बैठक में कमलेश पासवान, विकास कुमार, घनश्याम कुमार, बबलू प्रसाद, बेबी देवी उपमुखिया इत्यादि दर्जनों महिलाओं ने हिस्सा लिया.

 

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*