वर्षा जल संचयन को गांवों में पाठशाला लगाएंगे जलदूत

नवादा: जल प्रबंधन में भागीदारी बढ़ाएं-सहभागिता का मंत्र अपनाएं के संकल्प के साथ शनिवार को सुमंगलम हॉल में नाबार्ड की ओर जलदूतों के क्षमता संव‌र्द्धन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आरके शर्मा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आरआर झा, जिला कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. आबिद व जिला मृदा संरक्षण पदाधिकारी संजय कुमार शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. नाबार्ड के डीडीएम ने बताया कि वर्षा जल संचयन के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए जलदूत गांव-गांव में पाठशाला लगाएंगे. राष्ट्रीय कृषि एवं नाबार्ड द्वारा विश्व जल दिवस पर 22 मार्च को जल संचयन की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर अभियान की शुरुआत की गई है. देश के कुल एक लाख गांवों में 8 हजार जलदूतों व 88 हजार जल सहायकों के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि बिहार के दस जिलों में इस अभियान को चलाया जाएगा, जिसमें नवादा भी शामिल है. जिले के 350 गांवों में कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिला स्तर पर जलदूतों की 14 टीमें बनाई गई हैं और हर टीम में दो सदस्य होंगे. मई और जून महीने में प्रत्येक टीम 25-25 गांवों में जल जागरण का अभियान चलाएगी.

पानी की कीमत को समझना जरूरी

डीडीएम ने कहा कि वर्षा का जल हो या किसी अन्य माध्यम से मिला जल, हमें उसकी कीमत को हर हालत को समझना होगा. किसानों के सामने पानी की समस्या बड़ी है. ऐसे में जल संचयन काफी जरुरी है. पानी के बेहतर इस्तेमाल के संबंध में जागरुकता अभियान किसान की आय दोगुणी करने में सहायक साबित होगा. अन्य वक्ताओं ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है. किसानों द्वारा जल संचयन, ग्राउंड वाटर रिचार्ज एवं जल प्रबंधन के प्रयासों के माध्यम से बेहतर खेती को सुनिश्चित किया जा सकता है.

कई संस्थाओं का लिया जाएगा सहयोग

जल संचयन अभियान को सफल बनाने के लिए कई संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा. इस अभियान में स्थानीय बैंक, प्रखंड स्तरीय कृषि विशेषज्ञ, जीविका के प्रतिनिधि, समूह की महिलाएं, प्रगतिशील किसानों की सहभागिता होगी. जलदूतों का चयन नाबार्ड संवंर्धित किसान क्लब, कृषक उत्पादक कंपनी के सदस्यों एवं स्वयं सहायता समूहों के सक्रिय सदस्यों के बीच किया जाएगा. इसमें महिलाओं की सदस्यता पर जोर दिया जाएगा. मास्टर ट्रेनर रामाशीष व राकेश ने बताया कि जलदूतों की टीम चयनित 25 गांवों में 11-11 जल सहायकों का चयन करेगी. इसके बाद जल जागरण अभियान के तहत एक दिन गांव में कार्यक्रम का आयोजन होगा. ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण को लेकर संवाद स्थापित किया जाएगा.

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