गांव की बदली तकदीर, ग्रामीण कर रहे शौचालय का इस्तेमाल

नवादा.राकेश कुमार. प्रखंड के नेमदारगंज पंचायत के सुपौल पूर्णा मठ को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित करने के बाद गांवों में रहने वाले लोगों की जीवन शैली बदल चुकी है. 28 जनवरी को मुख्यमंत्री अपने निश्चय यात्रा के दौरान इसी गांव का दौरा किया था. जहां ओडीएफ घोषित वार्ड संख्या 10 में पहुंच हर घर नल जल, शौचालय, बिजली आदि को देखा.

उसके बाद शिव मंदिर के समीप बने सामुदायिक भवन में चैपाल लगाकर गांव के लोगों का हाल चाल लिया. अपने निश्चय यात्रा में वे गांव के विभिन्न घरों में जाकर सरकारी योजनाएं को देखा. गांव के लखन पंडित, विकास कुमार, शंकर पांडेय, बच्ची देवी ने बताया कि 28 जनवरी का दिन गांव के लिए किसी पर्व से कम नहीं था जब बिहार के मुख्यमंत्री इस गांव में आकर लोगों का हाल चाल लिया.

उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी गांव में रह रहे सभी परिवार सरकार द्वारा बनाये गये शौचालय, नल, जैविक खाद के लिए बनाये गये नेडेफ को प्रयोग कर रहे है. यहां कोई भी व्यक्ति खुले मेें शौच नहीं जा रहा है तथा सभी परिवार शौचालय का ही प्रयोग कर रहे है.

सुपौल मठ गांव में बनाये गये सोलर पंप पूर्णत चालू है. जहां मोटर को चलाने व बंद करने के गांव के ही एक व्यक्ति को रखा गया जो रात में पंप के अंदर बनाये गये कमरे में रहकर उसकी हिफाजत करता है. मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी गांव के लोगों में खुशी का माहौल है. लोग अपने खेतों में काम करते हुए मुख्यमंत्री के योजनाओं को साकार कर रहे है.

मुख्यमंत्री द्वारा नेमदारगंज पंचायत में इंटर विद्यालय के घोषणा के बाद लोग कहते है कि विद्यालय बन जाने से आसपास के गांवों के बच्चों को पढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा तथा वह आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेगे. ग्रामीणों ने यह भी यह बताया कि खुले में शौच करते पकड़े जाने पर जुर्माने लगाये जाने की बातों को गांव के लोग सख्ती से मान रहे है.

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क्या कहते है ग्रामीण

मुख्यमंत्री के गांव में आने के बाद गांव का माहौल में काफी सुधार हुआ है. पहले लेाग खुले में शौच जाते थे . समझाने के बाद भी कोई नहीं सुनता था लेकिन जब से गांव में शौचालय बना और उसमें नल लगा है तब से लोगों कि मानसिकता बदल गयी हैै और सभी शौचालय का इस्तेमाल कर रहे है.

-विकास कुमार, ग्रामीण, सुपौल मठ गांव, अकबरपुर

पक्की सड़क, नाली ,बिजली, पानी गांव में सब सुलभ है. जगह-जगह बनाये गये वाटर टावर में हमेशा पानी भरा रहता है. कभी भी पानी की किल्लत नहीं है. मेरा गांव का नाम आज प्रखंड किया पुरे जिले के लोग जान रह है.

-शंकर पांडेय, ग्रामीण, सुपौल मठ

मुख्यमंत्री के द्वारा नेमदारगंज में बच्चों के लिए खुले जाने वाले इंटर विद्यालय के घोषणा के बाद हमारे गांव के साथ – साथ अगल -बगल वाले गांव के लोग भी काफी खुशी है. अब बच्चों का भविष्य सुधरेगा तथा उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.

-लखन पंडित, ग्रामीण, सुपौल मठ

मुख्यमंत्री के सात निश्चय के लिए मेरे गांव को चुनना काफी सौभाग्य की बात है.  मुखिया उदय यादव के लगनशीलता और मेहनत के कारण मेरे गांव की सुरत बदल चुकी है तथा जिले के लोग आज सुपौल मठ गांव को जानने लगे है. यहां कि गलियों, घरों की सूरत बदल गयी है. शिव मंदिर के समीप गंदगी का अंबार लगा हुआ रहता है. आज स्थिति यह है कि गांव के लोग सुबह उठकर यहां जमा होते है.

-नरेश पंडित, ग्रामीण, सुपौल मठ,

 

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