दानापुर कैंट में सेना के 154 वीं बैच का दीक्षांत समारोह, 158 जवानों ने ली राष्ट्र रक्षा की शपथ

पटना (मनोज प्रियदर्शी) : चीन और पाकिस्तान के साथ तल्खी के बीच अपनी सैन्य तैयारियां भी ठोक बजा कर की जा रही है. नये आधुनिक हथियारों की बात हो या बार्डर पर तैनातियों की, सेना अपने नये सैनिकों को भी इसके लिए तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसकी बानगी देश के दूसरे सबसे पुराने दानापुर छावनी के बिहार रेजिमेंटल सेंटर के गौड़ ड्रील मैदान में आज शनिवार को देखने को मिली.

आज सेना को रेजिमेंट से 158 नए जवान मिले. सेंटर में अपनी करीब एक साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 154 वीं बैच को सेंटर के एडजुटेंट अविनाश कुमार ने राष्ट्र रक्षा की शपथ दिलाई. इस अवसर पर परंपरा के मुताबिक दीक्षांत समारोह आयोजित किये गए. सबसे पहले बैच को राष्ट्रीय ध्वज प्रदान किये गए उसके बाद नए सैनिको ने रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर मनोज नटराजन, शौर्य चक्र, को भव्य परेड के साथ सलामी दी.

आधुनिक युद्ध पद्धति में ढलें

सैनिकों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर नटराजन ने न सिर्फ कर्तव्यों का बोध कराया बल्कि वर्तमान के आधुनिक युद्ध कौशल से परिपूर्ण होने पर जोर दिया और कहा कि दुश्मन अब किसी भी रूप में आपको घेरने की कोशिश कर सकता है. उन्होंने नैतिकता का पाठ भी पढ़ाया और कहा कि एक नागरिक से सैनिक बनना किसी तपस्या से कम नहीं है. ब्रिगेडियर ने नये सैनिकों में आत्मविश्वास और दक्षता की भावना का संचार करते हुए कहा कि जीतने के लिए लड़ने को तैयार रहे.

ट्रेनिंग में बेस्ट रिक्रूट के लिए सिपाही मंवुला मूदि को कर्नल एसएस राणा, अशोक चक्र पदक, बेस्ट फायरिंग के लिए सिपाही सैनिक मांझी को ब्रिगेडियर एसएएम रिजवी मिलिट्री क्रॉस पदक, बेस्ट ड्रिल के लिए सिपाही राजू कुमार को कर्नल एमयुएस मौर अशोक चक्र पदक से और बेस्ट फिजिकल के लिए सिपाही प्रकाश कुमार को मेजर संदीप उन्नीकृष्णन अशोक चक्र पदक से सम्मानित्त किया गया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*