भागलपुर नरम तो फारबिसगंज गरम, प्रशासन चौकस

Bhagalpur
सोमवार को भागलपुर में सड़क पर जुटे लोग

लाइव सिटीज डेस्क : नवादा में अभी तनाव का मामला ठीक से खत्म भी नहीं हुआ है कि इसकी चपेट में पूर्व बिहार से लेेकर सीमांचल तक आने लगा है. हालांकि भागलपुर में मामला कुछ नरम हुआ है, लेकिन नेपाल से सटे सीमाई क्षेत्र फारबिसगंज में तनाव बढ़ गया है. हालांकि दोनों जगहों पर प्रशासन पूरी तरह चौकसी बरत रहा है. मंगलवार को जिलों में प्रशासनिक मुस्तैदी साफ-साफ दिख रही है. भागलपुर में डीएम और एसएसपी स्थिति पर बारीकी नजर रखे हुए हैं, तो फारबिसगंज में पूर्णिया के डीआइजी उपेंद्र कुमार सिन्हा खुद सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं.

फारबिसगंज में उपद्रवी तत्वों की हरकत को देख कर पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया है. डीआइजी ने वहां के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है. उपद्रवियों से निबटने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. वहीं तनाव को देखते हुए शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं. कई महत्वपूर्ण इलाकों में एसएसबी के जवान भी तैनात हैं. यहां तक कि प्रशासन ने सड़क पर फ्लैग मार्च भी निकाला.

गौरतलब है कि भागलपुर में तनाव को देखते हुए धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द बीएमपी और पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गयी है. इंटरनेट सेवा को पिछले 36 घंटों से बंद कर दिया गया है. तीन शिफ्टों में मजिस्ट्रेट व सीनियर अफसर मॉनीटरिंग कर रहे हैं और हर संदिग्ध स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए हैं. किसी भी स्थिति से निबटने के लिए राजकीय मध्य विद्यालय मारूफगंज में जमालपुर बीएमपी-9 के 100 जवानों को रिजर्व रखा गया है.

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सोमवार को भागलपुर में सड़क पर जुटे लोग

हालांकि प्रशासनिक मुस्तैदी के बाद भी उस शरारती तत्वों को अब तक नहीं पहचाना जा सका है, जिन्होंने भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के बाल्टी कारखाना चौक के पास धार्मिक स्थल पर सद्भाव बिगड़ने का प्रयास किया था. गौरतलब है कि पुलिस ने धार्मिक स्थल के सामने लगे सीसीटीवी के फुटेज को भी कब्जे में ले लिया है, पर अब तक एक्सपर्ट किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं.

उधर समाजसेवियों का कहना है कि बूचड़खाने को लेकर राजनीति हो रही है. जबकि, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए. अफवाह फैलाया जा रहा है. इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी के बहकावे में नहीं आएं. बहुत मुश्किल से माहौल को बेहतर बनाया गया है. लेकिन कोई न कोई असमाजिक तत्व है, जो सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश में लगा है. ऐसे तत्वों की सीसीटीवी के फुटेज से पहचान होनी चाहिए.

उधर नेपाल की सीमा से सटे फारबिसगंज की स्थिति ठीक नहीं है. जिस तरह शहर में असमाजिक तत्वों ने उपद्रव मचाया है, यदि प्रशासन एलर्ट नहीं रहा तो कभी भी शहर सुलग सकता है. हालांकि प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में रहने की बात कही है. वहीं उपद्रव को देखते हुए फारबिसगंज शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. हालात को नियंत्रण करने के लिए पूर्णिया डीआइजी उपेंद्र कुमार सिन्हा खुद वहां पहुंचे और डीएम व एसपी से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. डीआइजी उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस ने 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को जहां गिरफ्तार किया गया है. वहीं तीन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है. उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.

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दरअसल रविवार की रात द्विजदेनी मैदान के समीप मारपीट की घटना ने कल भयावह रूप ले लिया था. प्रदर्शनकारी जगह-जगह टायर जलाकर प्रदर्शन करने लगे थे. प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए थाने की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. बाद में डीएम हिमांशु शर्मा और एसपी सुधीर कुमार पोरीका ने बलपूर्वक लोगों को खदेड़ कर भगाया. लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले तक दागे. प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर घरों से नहीं निकलने की हिदायत दी.

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