शहीदों की विधवाओं को सम्मान,सैनिक बोर्डों में अब केवल पूर्व सैनिकों की ही नियुक्ति

पटना (मनोज प्रियदर्शी) : राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने रविवार को पूर्व सैनिक और वीर नारियों के सम्मान में बिहार रेजिमेंट केन्द्र के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित विशेष सम्मान शिविर का उदघाटन किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के साढ़े तीन सौ वीरनारियो जिनके पति युद्ध अथवा ड्यूटी के दौरान मारे गए हैं, उन्हें पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की तरफ से पांच-पांच हजार रुपये की राशि भी दी. मुख्य अतिथि के रूप में शिविर को संबोधित कर उन्होंने अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी. कार्यक्रम में छावनी की सम्मानित सबसे बुजुर्ग वीर नारी उर्मिला जोशी भी पहुंची हैं. उनके साथ ही राज्य के कोने -कोने से शहीदों की विधवाएं भी कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं.

राज्यपाल ने इस दौरान वन रैंक वन पेंशन लागू किये जाने की सराहना करते हुए बताया कि इससे 18 लाख पूर्व सैनिकों को लाभ मिला है. सैनिको के कार्यो की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार उनके लिए कई कल्याणकारी योजनाये चलाती है,क्योंकि देश सैनिकों के कारण ही सुरक्षित है. इस मौके पर वीर नारियो से रूबरू होते हुए राज्यपाल ने कुछ दिव्यांग सैनिको के बीच स्कूटी का भी वितरण किया.

बोर्ड में केवल पूर्व सैनिक ही होंगे भर्ती

शिविर में दानापुर सेना हेडक्वार्टर के जीओसी मेजर जनरल एमएम मामक भी उपस्थित हुए. उन्होंने कहा कि अब आगामी अप्रैल माह से राज्य के पूर्व सैनिक यहां की सरकारी नौकरियों में भर्ती किये जायेंगे. साथ ही राज्य के सभी 13 सैनिक कल्याण बोर्ड में पूर्व सैनिक ही अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा तब संभव हुआ जब राज्यपाल ने जनवरी में समीक्षा बैठक की. इसमें पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से बातचीत कर वस्तुस्थिति जानी. बैठक के बाद मसौदे पर कार्रवाई की गयी,इसमें गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुब्हानी ने अहम् भूमिका निभाई है.

वहीँ इस दौरान राज्य के सैनिक कल्याण बोर्ड के निदेशक डी एन मंडल ने कहा कि राज्य ने विभिन्न पदक और अलंकृत सैनिकों, अर्धसैन्य बलों के अनुदान में 4-5 लाख रुपये की वृद्धि की गयी है. साथ ही सशस्त्र सेना फंड में भी इस बार 26 लाख रुपये की वृद्धि हुई है.

जीओसी ने बताया कि बिहार-झारखंड सब एरिया दानापुर के हेल्पलाइन ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है. इसी का नतीजा रहा कि केंद्र की सरकार ने सेना मुख्यालय के अंतर्गत पूर्व व वीर नारी निदेशालय का गठन कर दिया गया है. राज्य में अब हर साल सबसे बेस्ट जिला सैनिक बोर्ड अधिकारी चुने जायेंगे और उन्हें रूलिंग ट्रॉफी अवार्ड से नवाजा जाएगा. जीओसी ने मंत्रालय के निर्देश पर पूरे देश में आउट रीच प्रोग्राम शुरू करने की भी घोषणा की. प्रोग्राम के तहत अब सिर्फ मुख्यालयों में ही नहीं सुदूर गांवों या कस्बो में जाकर पूर्व,दिव्यांग और वीर नारियो की समस्याये सुनने और निपटाने की जिम्मेवारी भी सेना निभाएगी.

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