गैंग्स आॅफ धनबाद : भाजपा विधायक के करीबी गिरफ्तार, बेल्जियम व अमेरिकी पिस्टल मिली

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लाइव सिटीज डेस्क : धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार की हत्या के मामले में अब तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. घटना के नौ दिन हो गये. अब तक क्लियर तस्वीर नहीं आयी है. हां, आठवें दिन पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. ये सभी लोग झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह के करीबी है. मालूम हो कि संजीव सिंह हत्याकांड के अभियुक्त बनाये गये हैं.

जानकारी के अनुसार धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में आठवें दिन पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन सभी की गिरफ्तारी सिंह मेंशन से हुई है. सभी गिरफ्तार लोग भाजपा विधायक संजीव सिंह के करीबी हैं. इनमें तीन पर हत्या में सीधे जुड़े होने का आरोप है. इनमें जनवरी में मारे गए रंजय सिंह का भाई संजय सिंह सहित जैनेंद्र सिंह व धनंजय सिंह शामिल हैं. वहीं तीन अन्य प्रशांत सिंह, मोनू सिंह व अशोक महतो हैं. इन तीनों से तो पुलिस ने दो विदेशी हथियार बरामद करने का दावा किया है. इन हथियारों में एक बेल्जियम की पिस्टल और अमेरिकी वेबली स्कॉट रिवॉल्वर है. पुलिस ने इनसे 7.62 एमएम और 9 एमएम की गोलियां भी बरामद की हैं.

पुलिस की मानें तो वह यह सत्यापन कर रही है कि इन हथियारों का नीरज हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया है या नहीं. इसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच की जायेगी. गौरतलब है कि मंगलवार को ही एडीजी अजय कुमार सिंह ने तीनों से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की बात कही थी. उधर विदेशी हथियार बरामदगी में गिरफ्तार प्रशांत की पुलिस हिरासत में अचानक तबीयत खराब होने की बात सामने आयी है. उसे जालान अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ पुलिस अधिकारी व जवान सिविल ड्रेस में अस्पताल में जमे हुए हैं और बारीकी से हर चीज पर नजर रखे हुए हैं. वहीं अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बताने से परहेज कर रहा है.

हथियार बरामदगी मामले में बताया जाता है कि सभी हथियार अशोक महतो के घर में मिले. गौरतलब है कि अशोक स्टील गेट पर गुपचुप बेचने का काम करता था. हथियार अशोक के सरायढेला आदर्श विहार कॉलोनी स्थित घर में प्लास्टिक के एक डिब्बे में थे, जो प्लास्टिक से बंधे थे. इसमें दो विदेशी आर्म्स और 33 कारतूस रखे हुए थे. पूछताछ में बताया गया कि ये हथियार मोनू सिंह ने रखने के लिए दिये थे. हथियार प्रशांत सिंह के थे. इस बीच एसएसपी मनोज रतन चोथे ने बताया कि तीनों की गिरफ्तारी सरायढेला इलाके से की गई है. इनमें से एक बेल्जियम निर्मित अत्याधुनिक नाइन एमएम की रेगुलर पिस्टल है. वहीं दूसरी वेबली स्कॉट रिवाल्वर अमेरिका निर्मित है. तीनों के पास इनका लाइसेंस नहीं था. एसएसपी नेक कहा कि हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है.

उधर जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि नीरज की शूटआउट करने के बाद भी मुन्ना उर्फ डब्लू मिश्रा धनबाद में ही था. मालूम हो कि चारों शूटरों को कुसुम विहार में ठिकाने की व्यवस्था कराने वाला मुन्ना उर्फ डब्लू मिश्र ही है. मुन्ना की शूटरों को पनाह दिलाने की पुष्टि के बाद उसकी खोज में पुलिस समस्तीपुर में खाक छान चुकी है, लेकिन उसे पकड़ने में नाकाम रही है. पुलिस की मानें तो मुन्ना की गिरफ्तारी के बाद नीरज सिंह हत्याकांड से पर्दा उठ सकता है. मुन्ना की रंजय के साथ भी दोस्ती की बात सामने आ रही है.

बताया जाता है कि कई आपराधिक वारदातों में संलिप्त रहने वाला मुन्ना सिंह मेंशन का करीबी रहा है. उसका परिवार पहले झरिया के कोयरीबांध में रहा करता था. करीब पंद्रह वर्ष पहले मुन्ना उर्फ डबलू मिश्र का परिवार झरिया से बिहार के समस्तीपुर चला गया. लेकिन मुन्ना का धनबाद से संपर्क बना रहा. खास कर इलेक्शन के दौरान वह मेंशन के लिए एक्टिव हो जाता था. बताया जा रहा है कि डब्लू के दादा लक्ष्मी नारायण मिश्र खैनी का कारोबार करते थे. उसके पिता रामप्रीत अकसर गांव में ही रहते थे. इधर मुन्ना के झरिया में अकेले रहने के दौरान उसकी गलत संगत पड़ गयी. झरिया के एक सिनेमा हॉल में भी उसने लठैत का काम किया. उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. सूत्रों की मानें तो समस्तीपुर में भी मुन्ना ने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है.

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