गैंग्स आॅफ धनबाद : शूटरों को ठहरानेवाला समस्तीपुर से गिरफ्तार!

लाइव सिटीज डेस्क : धनबाद के ​पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार की हत्या के मामले में मुन्ना के गिरफ्तार होने की चर्चा है. मुन्ना उर्फ डब्लू मिश्रा को समस्तीपुर से गिरफ्तार होने की बात कही जा रही है. यह वही मुन्ना है, जिसने शूटरों को किराये पर मकान दिलाया था. हालांकि पुलिस अभी मुन्ना की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर रही है. इसके पीछे क्या राज है, वह मिडिया से क्यों बचना चाह रही है, यह पुलिस ही बता सकती है. ऐसे में जब पुलिस कह रही है कि मुन्ना अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है, तो अभी मिडिया भी मान कर चल रही है कि मुन्ना अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है. उधर मृतक नीरज सिंह के चाचा बच्चा सिंह ने फिर इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उन्होंने इसके लिए पीएम से लेकर झारखंड के सीएम तक को पत्र लिखा है.

बताया जाता है कि सरायढेला के कुसुम विहार में शूटरों को ठहराने वाले मुन्ना उर्फ डब्लू को समस्तीपुर स्थित उजियारपुर के पचपैका गांव से गिरफ्तार किया गया है. चर्चा तो यह भी है कि उसके साथ एक और युवक को भी पकड़ा गया है. बताया जाता है कि इसके लिए झारखंड पुलिस पिछले पांच दिनों से समस्तीपुर में कैंप कर रही थी. इस अहम गिरफ्तारी से हत्याकांड का पूरी तरह खुलासा होने की उम्मीद बढ़ गयी है. कौन शूटर थे, कौन साजिशकर्ता, कहां से हथियार आए और कैसे वारदात को अंजाम दिया गया, इन सबसे रहस्यों से पर्दा उठने की उम्मीद है, लेकिन जब तक पुलिस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं करती है, तब तक इस पर बात करनी बेमानी ही होगी.

बताया जाता है कि मुन्ना का परिवार पहले झरिया के कोयरीबांध में रहा करता था. करीब पंद्रह वर्ष पहले मुन्ना उर्फ डबलू मिश्र का परिवार झरिया से बिहार के समस्तीपुर चला गया. लेकिन मुन्ना का धनबाद से संपर्क बना रहा. खास कर इलेक्शन के दौरान वह मेंशन के लिए एक्टिव हो जाता था. यह भी बताया जा रहा है कि डब्लू के दादा लक्ष्मी नारायण मिश्र खैनी का कारोबार करते थे. उसके पिता रामप्रीत अकसर गांव में ही रहते थे. इधर मुन्ना के झरिया में अकेले रहने के दौरान उसकी गलत संगत पड़ गयी. झरिया के एक सिनेमा हॉल में भी उसने लठैत का काम किया. उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. सूत्रों की मानें तो समस्तीपुर में भी मुन्ना ने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है.

दरअसल नीरज सिंह हत्याकांड में जिन चार शूटरों की बात सामने आयी, उन शूटरों को कुसुम विहार में मुन्ना उर्फ डब्लू मिश्रा ने ही किराये का मकान उपलब्ध कराया था. वह मकान रिटायर्ड इंजीनियर आरए राय का है. शूटरों ने 20 फरवरी को उक्त मकान को किराये पर लिया था. इन्वेस्टिगेशन में यह बात भी सामने आयी है कि शूटरों ने वहां सुरक्षित ठिकाना पाने के लिए करीब आधा दर्जन घरों के दरवाजे खटखटाए थे. अंतत: वे 20 फरवरी से रिटायर्ड इंजीनियर राय के मकान में रहने लगे.

जानकारी हो कि संदिग्धों के पास तीन बाइकें थीं. तीनों बाइकों से वे लोग आना-जाना करते थे. पूछताछ में लड़कों ने मकान मालिक को बताया था कि वे दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं. इनमें से एक ने अपने आप को दवा कंपनी का एएसएम भी कहा था. लेकिन हत्याकांड के बाद जब उनके कमरों का ताला तोड़ा गया, तो पुलिस स्थिति देख कर दंग रह गयी. किसी भी कमरे में दवा का सैंपल तक नहीं मिला. जबकि यह हकीकत है कि एमआर को हर माह डाक्टरों को बांटने के लिए काफी मात्रा में फिजिशियन सैंपल दिये जाते हैं. मालूम हो कि 21 मार्च को नीरज सिंह की स्टील गेट के निकट हत्या कर दी गयी थी.

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