पेपर लीक मामले में घमासान के बाद सदन स्थगित, बजट अब 2 बजे

पटनाः विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष अपने कड़े तेवर के साथ पहुंची है। विपक्ष पहले से ही पेपर लीक मामले में मंत्रियों के नाम आने की बात को लेकर सरकार पर हमले की योजना बना चुकी थी जिसे अमली जामा पहनाते हुए नारेबाजी कर हंगामा कर जारी है, विपक्ष घोटाले की सीबीआइ जांच की मांग कर रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री के बुलावे पर SIT की पूरी टीम विधानसभा पहुंच गई है. जिसमें SIT प्रमुख SSP  मनु महाराज भी शामिल थे.

सदन में विधानसभा अध्यक्ष विपक्षी नेताओं से लगातार आग्रह कर रहे कि अपनी सीट पर बैठ जाएं और सदन को चलने दें लेकिन विपक्ष मामले की सीबीआई जांच और नाम आने वाले मंत्रियों को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर विधानसभा में लगातार हो-हंगामा और नारेबाजी जारी है. बीजेपी मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है और इसके साथ ही कार्यस्थगन की मांग भी कर रहा है. इस बीच प्रश्नोत्तर काल शुरू कर दिया गया है. हंगामा शांत होते न देख विधानसभा अध्यक्ष विजय जौधरी ने सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी है.

विपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पता है कि इस घोटाले में कौन-कौन से मंत्री शामिल हैं? उन्होंने इस मुद्दे पर विशेष चर्चा कराने की मांग की और कहा कि इसके लिए समय तय करने की बात भी कही. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में लगातार घोटाले हो रहे हैं और सरकार ने चुप्पी साध रखी है. उन्होंने कहाकि मुख्यमंत्री सदन में आकर इस पर बयान दें. वहीं सरकार भी इसका जवाब देने के लिए पूरी रणनीति बनाकर विधानसभा में मौजूद है. इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री ने SIT की पूरी टीम को विधानसभा में बैठा रखा है. टीम वक्त आने पर सरकार की ओर से और टीम की जांच का ब्योरा देने को तैयार बैठी है.

इस बीच बीजेपी विधायक नवल यादव ने पेपर लीक कांड में IAS  सुधीर कुमार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद द्वारा ईमानदार बताए जाने पर कहा कि दोनों की मानसिकता एक है. तो दूसरी ओर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सरकार घोटालों पर कार्रवाई कर रही है. विधायक मेवालाल की गिरफ्तारी को उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़ी मछली फंस गई तो छोटी मछलियां भी गिरफ्त में आ ही जाएंगी.

आज पेश होगा बजट
आज 2 बजे बिहार का वार्षिक वित्तीय बजट 2017-18 सदन में वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्धिकी द्वारा पेश किया जाएगा. इस बार के बिहार बजट में फिर से एक बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चयों पर फोकस रहेगा. वहीं लोगों को बढ़ती कीमतों और महंगाई से राहत मिल सकती है. मिली जानकारी के अनुसार इस बार में बजट में किसी भी तरह के नए कर नहीं शामिल किये जाने की वजह से सामानों की कीमत वृद्धि नहीं होनी तय मानी जा रही है.

सूत्रों के अनुसार इस बार किसी तरह का मनी बिल सदन में नहीं लाया जाएगा, जिससे वर्तमान करों में कोई बदलाव नहीं होगा. इसके परिणाम स्वरूप सामान की कीमतों में इजाफा होने के कम ही आसार हैं. बताते चलें, सरकार पहले ही वैट में दो बार वृद्धि कर चुकी है, इसके अलावा मोटर वाहन रजिस्ट्रेशन, और लाइसेंस की दरों में भी पिछले दिनों ही वृद्धि की गयी थी. वहीं पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले अधिभार की दरें भी 20 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर सी गयी है,जिससे ऐसी उम्मीद है कि इस बार के बजट में कोई नया मनी बिल नहीं लाया जाएगा.

गौरतलब है कि इस बार का बजट भी पिछले साल की तरह ही सात निश्चय पर आधारित होगा. शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पिछले साल की तुलना में इस बार का बजट करीब 10 प्रतिशत अधिक होगा. पिछ्ले साल 1.44 लाख करोड़ का बजट पेश किया था. इस बार का बजट करीब 1.75 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है.

पिछले बजट में चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किए गए वादे सात निश्चयों की झलक साफ-साफ देखने को मिली थी. बजट में जहां एक ओर बेरोजगार युवाओं को 1000 रुपये मासिक भत्ता देने की घोषणा की गयी थी, वहीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए चार लाख तक का ऋण भी देने की बात कही गयी थी, जिसके शुरुआत भी कर दी गयी है.

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