BSEB के लिए इस बार परीक्षा कराना होगी एक बड़ी चुनौती, जाने क्यों

पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा लेने जा रहा है. कदाचार मुक्त परीक्षा हो, इसके लिए बोर्ड ने अपने ओर से सारी तैयारियां पूरी कर ली हैअपने इतिहास का सबसे बड़ी परीक्षा लेने जा रही है. मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में इस बार सबसे अधिक 30 लाख 20 हजार परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है.

अभी तक दो बार बढ़ चुकी है फॉर्म भरने की तिथि 
बोर्ड अपनी ओर से परीक्षा को सफल बनाने के लिए काफी जोर-शोर से तैयारी कर रहा है. छात्रों की बढ़ती संख्या की वजह से अभी तक कुल दो बार फॉर्म भरने का तिथि भी बढ़ाई जा चुकी है. परीक्षार्थियों के बढ़ती संख्या की वजह से इस बार विशेष तैयारी भी की गयी है. इस बार परीक्षा को लेकर बोर्ड इसलिए भी और सजग है क्यों कि पिछले साल परीक्षा में नक़ल और रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर विवादों में रहा है. ऐसे में इस बार इतने छात्रों का सफलता पूर्वक परीक्षा का आयोजन कराना बोर्ड के लिए चुनौती है.

 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में ही हो चुका है विवाद

बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर 2017 का फॉर्म और रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से लिया है. लेकिन, सूबे के विभिन्न जिलों से इसकी शिकायत आयी कि ऑनलाइन शुल्क के नाम पर अधिक शुल्क लिया जा रहा है. हालांकि बोर्ड ने इस पर अपना पल्ला झाड़ लिया है. इस बार  इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2017 में अभी तक कुल 12 लाख 56 हजार 507 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरा है. जबकि करीब दो लाख 33 पूर्व स्टूडेंट्स ने भी  इस बार फॉर्म भरा है. पिछले वर्ष की तुलना में देखा जाए तो इस बार करीब एक लाख पांच हजार अधिक  परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे.

मैट्रिक में पिछले बार से 2 लाख ज्यादा स्टूडेंट्स
अभी तक 17 लाख 51 हजार 586 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरा है. इसमें रेगुलर और प्राइवेट छात्रों की संख्या 13 लाख 38 हजार 70 हैं. लगभग चार लाख 13 हजार 516 पूर्व स्टूडेंट्स ने आवेदन फॉर्म भरा है. 2016 में मैट्रिक परीक्षा में लगभग 15 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे. इस बार 2 लाख ज्यादा स्टूडेंट्स ने फॉर्म भरा है.

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