चैती छठ : अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य आज, शुभ मुहूर्त है 6.06

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पटना : कांचहि बांस के बहंगी, बहंगी लचकत जाय… केलवा के पात पे उगहो सुरुज देव… से गंगा घाट गूंजायमान हो रहा है. जिले के लगभग सभी घाटों को तैयार कर लिया गया है. इसके अलावा पटना सिटी से लेकर दानापुर, फुलवारीशरीफ व खगौल तक तालाबों को भी छठ पूजा के लिए तैयार कर लिया गया है. गंगा घाटों ही नहीं, तालाबों को भी झालरों से सजा दिया गया है. इसमें निजी संस्थाओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया है. लोकआस्था का महापर्व चैती छठ का रविवार को तीसरा दिन है. शाम में परवैतिन अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे. ज्योतिषाचार्य की मानें तो इसके लिए शुभ मुहूर्त 6 : 06 है.

पटना के घाट पर आज अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ दिया जायेगा. अहले सुबह से ही तैयारी शुरू हो जायेगी और दो पहर से ही गंगा के घाट की ओर व्रती और श्रद्धालु पहुंचने लगेंगे. शाम के साढ़े चार बजने के बाद व्रती भगवान सूर्य की आराधना शुरू कर देंगे. इसके बाद शाम में पौने पांच बजे से अर्घदान शुरू होगा. विवार की शाम अस्ताच लगामी सूर्य को व्रती पहला अर्घ्य अर्पित करने के बाद सभी घर लौटेंगे और रात में लोकगीतों की धुन बजेगी. सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य (5 : 38 पर) को दूसरे अर्घ के साथ लोक आस्था का यह महापर्व पूरा होगा. व्रती इसके बाद पारण करेंगी और प्रसाद का वितरण किया जायेगा.

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सुबह में गंगा स्नान और शाम में पूजा के बाद हुई खरना की पूजा
शनिवार सुबह में गंगा स्नान और शाम में विधि पूर्वक पूजा-अर्चना के बाद व्रतियों ने खरना किया. खरना के साथ ही छठ के 36 घंटे का निराहार व्रत शुरू हो गया. व्रतियों ने अरवा चावल, दूध-गुड़ से बनी खीर और गेहूं के आटे की रोटी का भोग लगाया और फिर खरना किया. व्रतियों के घर खरना का प्रसाद खाने के लिए लोग पूरी श्रद्धा से गये. रविवार को अस्ताच लगामी भगवान भास्कर को व्रती पहला अर्घ देंगे और सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ ही यह व्रत पूरा होगा.

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गंगा तट के अलावा लोगों ने अपने-अपने घरों में भी स्नान कर छठ का खरना किया. घरों में भी मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से व्रतियों ने खरना का प्रसाद बनाया.

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