पटना AIIMS में बायोकेमिस्ट्री का 30वां सलाना 2 नवंबर को

फुलवारीशरीफ (अजीत कुमार) : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का बायोकेमिस्ट्री विभाग इंडियन सोसाइटी फॉर एथेरोस्क्लीरोसिस रिसर्च के 30वें सालाना सम्मेलन (आईएसएआरकान) और अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है. यह आयोजन संस्थान के ऑडीटोरियम में दो से चार नवम्बर के बीच आयोजित किया जाएगा. इसका थीम है ‘प्रीवेंषन, कंट्रोल एंड ट्रीटमेंट ऑफ एथेरोस्क्लीरोसिस: मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच’.

कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे दो नवम्बर को करेंगे. इस मौके पर आईएएस व बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी और एम्स पटना के संस्थापक निदेषक डॉ. गिरीष कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि होंगे.

बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. साधना शर्मा ने बताया कि एथेरोस्क्लीरोसिस, असंक्रामक रोगों जैसे कार्डियोवैस्कुलर डिसीज, लकवा इत्यादि का कारक है. इससे बचने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता होना बेहद जरूरी है. एथेरोस्क्लीरोसिस से बचाव और इलाज पर चर्चा करने के लिए इस सम्मेलन में शोधकर्ता, शिक्षक और चिकित्सक एक ही मंच पर ज्ञान को साझा करेंगे.

इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय व्याख्याता भी शामिल होंगे. इसमें डॉ. गुंडु राव (एमीरेटस प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा यूएसए), डॉ. राजेन्द्र टंगीरला (कैलीफोर्निया, यूएसए), डॉ. हरि एस शर्मा(नीदरलैंड्स) शिरकत करेंगे. इसी तरह भारतीय व्याख्याताओं में दिल्ली के डॉ. सुभाष चंद्रा, नेलोर के डॉ. जी सुब्रमण्यम इत्यादि व्याख्यान देंगे.

डॉ. साधना ने बताया कि हम उम्मीद करते हैं कि इस सम्मेलन के जरिए हम पालिसी बनाने वालों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों का ध्यान एथेरोस्क्लीरोसिस के बचाव और नियंत्रण की ओर खींच सकेंगे.

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