बाल विवाह की सूचना पर पहुंचे थे SDO, दुल्हन ने कहा – मैं और मेरे पति बालिग

पटना/बिहटा (मृतुन्जय) : महादलित टोलों में बाल विवाह के ख़िलाफ़ प्रदेश की ओर से यूएनओ में जाकर आवाज बुलंद करने वाली कोरहर मुसहरी के पूनम के बालिका वधू बनने की सूचना से सोमवार को हड़कंप मच गया. दानापुर एसडीओ संजीव कुमार के साथ पूरी प्रशासनिक टीम देर शाम कोरहर मुसहरी में इस मामले की जानकारी लेने पहुंची.

पूछताछ में पूनम कुमारी ने बताया की उसकी शादी कोई ज़ोर जबरदस्ती से नहीं बल्कि उसने अपनी मर्जी से की है. वो और उसका पति शंकर मांझी दोनों बालिग हैं. उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा तो पति शंकर की 22 वर्ष है. पूनम के पिता भरोसा मांझी व जश्या देवी भी दोनों को बालिग बता रहे थे. पूनम की मां ने बताया की उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती. दो माह पूर्व उसे प्रेरणा छात्रावास चलाने वाली दीदी सुधा वर्गीज़ ने बुलाकर पूनम को अपने घर ले जाने को कह दिया था.

पूनम के घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. पूनम की पढ़ाई के लिए उसने कई विद्यालयों का चक्कर लगाया. लेकिन कहीं जब उसका नामांकन नहीं हुआ तो वो मजबूर हो गई. क्यूंकी उसे चार बच्ची और दो बेटा है. छह बच्चों का भार चलाना उसके बस की बात नहीं थी.

बेटी पूनम ने 25 अक्टूबर को अपनी मर्जी से बिहटा मंदिर में जाकर शादी कर ली. मजबूरी में हमें उसे मानना पड़ा. पूरे परिवार की बात सुनकर एसडीओ संजीव कुमार ने पूनम से कहा की तुम अगर अब भी पढ़ना चाहती हो तो किसी राजकीय विद्यालय में तुम्हारे पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा की तुम्हारी बहन झुंनी कुमारी, रूनी कुमारी, गुलाबी कुमारी, भाई पंकज कुमार, मंजीत कुमार को भी पढ़ाया जाएगा.

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