नहीं रहे बिहार के बच्चों के भगवान प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एसपी श्रीवास्तव

बिहटा (मृत्युंजय कुमार) : नहीं रहे बिहार के बच्चों के भगवान, डॉ. एसपी श्रीवास्तव. दिल्ली में चल रहा था इलाज. वे करीब 74वर्ष के थे. गमगीन हुआ चिकित्सा जगत और बिहटा. उन्हें राष्ट्पति द्वारा पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री विधानचन्द्र राय सम्मान से सम्मानि किया जा चुका है. कई और सम्मान से भी वे नवाजे जा चुके हैं. वे पटना जिले के श्रीरामपुर, बिहटा के स्वर्गीय त्रिवेणी प्रसाद श्रीवास्तव के पुत्र थे. उनके पिता जी रेलवे में स्टेशन मास्टर थे.

डॉ श्रीवास्तव की प्रारंभिक शिक्षा बिहटा में तथा उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की. वे तथा उनकी पत्नी माला श्रीवास्तव बहुत वर्षों तक पटना मेडिकल कॉलेज में विभागाध्यक्ष रहे. वे शिशु रोग तो पत्नी महिला विभाग की, जो प्रख्यात सर्जन के रूप में जानी जाती है. अभी वे महावीर वात्सायन संस्थान में डायरेक्टर के पद पर थे. वे इसके संस्थापक सदस्यों में थे. वे बाबा बिहटेश्वर नाथ धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष है. वे अच्छे लेखक भी थे. शिशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित उनकी कई पुस्तकें है. अख़बारों में उनके दर्जनों आर्टिकल छपते रहे हैं.

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उक्त जानकारी देते हुए इनके वरीय साथी शिक्षाविद व समाजसेवी गोपाल प्रसाद केसरी ने बताया कि बचपन में उनलोगों के स्काउट टीम को भी राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था. उनका कहना है कि वे बचपन से ही पढ़ने में तेज थे. उनका परिवार तथा रिश्तेदार आज भी बड़े ओहदों पर हैं. यह परिवार आजादी काल से ही एक शिक्षित परिवार के रूप में जाना जाता है. उनके सहपाठी प्रो. रामाधार शर्मा ने दुःख व्यक्त किया है.

उनके निधन पर साथी जगतलाल श्रीवास्तव, प्रख्यात सर्जन डॉ अंगद मिश्रा, डॉ प्रकाश कुमार, डॉ मीरा झा, बिहटा के भगवान चिकित्सक डॉ ललित मोहन शर्मा, डॉ एच एन ठाकुर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद तथा डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि मेडिकल जगत को उनके निधन पर झटका लगा है.

धार्मिंक न्यास वोर्ड के साथी अजित झा, डॉ प्रवीण कुमार, संतोष साह, अमोद कुमार, अर्जुन शर्मा, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, अभिनय कुमार सिंह, शुशीला सिंह आदि ने गहरा दुःख व्यक्त किया है. इलाके के लोग खबर सुनते ही गमगीन है. लोगो का कहना है कि चिकित्सकों को हमारे समाज मे भगवान का दर्जा दिया जाता है. हम सबका भगवान रूठ कर चले गये.

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