सिंगर संजय हत्याकांड का खुलासा, छोटे भाई ने ही करायी थी हत्या

फुलवारीशरीफ (अजीत) : दो दिन बाद इसी 29 नवम्बर को जिसके सिर सजना था शादी का सेहरा, उसके पहले अपने ही सगे बड़े भाई की हत्या के जुर्म में वह पहुंच गया जेल. फुलवारी शरीफ के अल्वा कॉलोनी में दस दिन पहले मिली एक युवक की लाश के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक के छोटे भाई विजय समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. विजय की शादी इसी महीने की 29 तारीख को होनी थी. लेकिन बरात ले जाने के पहले ही पुलिस ने उसे जेल भेज दिया.

शादी समारोह व नाच प्रोग्राम में सिंगर और पुनपुन में मोबाइल की दुकान चलाने वाले संजय सागर को शादी के बाद भी दूसरी महिला से अवैध संबंध रखना और समारोहों में अपनी सगी बहन को डांस कराने ले जाने से नाराज छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या करा दी. दस दिनों में ही इस ब्लाइंड केस का खुलासा डीएसपी रामाकांत प्रसाद और इन्स्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार की टीम ने करते हुए तीन हत्त्यारों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू को भी बरामद कर लिया है.

इसकी जानकारी देते हुए पटना के एसएसपी मनु महाराज ने सोमवार की शाम फुलवारी शरीफ थाने में दी. एसएसपी ने कहा कि इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जायेगा. मनु महराज ने बताया कि 17 नवम्बर को रानीपुर के नजदीक अलवा कॉलोनी में एक चहारदीवारी में एक युवक का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त परसा बाजार के भारत रविदास के बेटे के रूप में की गयी. पुलिस के लिए यह ब्लाइंड केस सुलझाना चुनौती थी. डीएसपी रमाकांत प्रसाद और इन्स्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गयी.

टीम ने हत्याकांड के तकनीकी अनुसन्धान के दौरान जब पाया कि मृतक संजय सागर के साथ ही उसके छोटे भाई विजय कुमार, विजय का स्टाफ आकाश कुमार और रानीपुर निवासी कुख्यात अपराधी रीतलाल पासवान उर्फ़ मंगरू पासवान के बेटा उपेन्द्र कुमार के मोबाइल का टावर लोकेशन एक साथ बता रहा है. इधर पुलिस को चकमा देने के इरादे से मृतक संजय का छोटा भाई विजय दिमागी तौर पर बीमार रहने का ड्रामा करने लगा. पुलिस जब भी उसे थाना बुलाती तो वह अपनी यादाश्त खो जाने का नाटक करने लगता. इसी क्रम में विजय अपने पिता के साथ बाइक पर जाते समय जान बुझकर गिरने का ढोंग रचकर तीन दिनों तक निजी हॉस्पिटल में एडमिट हो गया.

पुलिस ने जब विजय से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने बड़े भाई की हत्या कराने की बात स्वीकार कर ली. ब्रह्मपुर निवासी वीरेंद्र के बेटे और विजय का स्टाफ आकाश को विजय ने बीस हजार रुपये में हत्या की सुपारी देने के लिए कुख्यात अपराधी मंगरू पासवान के बेटे उपेन्द्र के पास भेजा. एडवांस के रूप में आकाश ने उपेन्द्र को छह हजार रुपये भी दिए थे. इसके बाद के साजिश के तहत उपेन्द्र ने संजय सागर को सीडी कैसेट तैयार करने के बहाने रानीपुर बुलाया. यहां से संजय सागर को झांसे में लेकर उपेन्द्र अपने साथ बगल के अलवा कॉलोनी के बधार में ले गया. जहां संजय के भाई विजय और आकाश के साथ मिलकर ईंट पत्थरों से कूच कुच कर निर्ममतापूर्वक मारा. इतने से भी अपराधियों का मन नहीं भरा तो उसका गला रस्सी से दबाकर और चाकू से रेतकर मार डाला.

एसएसपी ने बताया कि पुलिस को हत्या में प्रयुक्त चाकू गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर बरामद हो गया है. इसके अलावा पुलिस को घटनास्थल से कुछ कपड़े वगैरह मिले थे, जिसे हत्यारे उस समय पहने हुए थे. पुलिस ने सभी हत्यारों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है. पुलिस सभी अपराधियों का स्पीडी ट्रायल कर सजा दिलाने का काम भी करेगी. बता दें कि परसा बाजार के मौलानाबुद्धूचक निवासी भारत रविदास के बड़े बेटे संजय सागर की शादी करीब छह महीने पहले रुपसपुर इलाके में गुड़िया देवी से हुई थी. इसके बावजूद संजय का दूसरी महिला के साथ अवैध सम्बन्धों का सिलसिला नहीं रुका.

इतना ही नहीं पुनपुन में डेरा रखकर रंगरेलियां मनाने के साथ ही अपने घर मौलाना बुद्धू चक में भी महिला को लाकर एय्यासी करने लगा था. पुनपुन बांध पर तारणपुर में मोबाइल की दुकान चलाने के साथ ही शादी समारोहों में डीजे पर गायक का काम करने वाला संजय सागर अब अपनी सगी बहन को भी डांस कराने लगा, जिससे परिवार में सबलोग नाराज रहने लगे. संजय का छोटा भाई विजय भी शादी समारोहों में वीडियोग्राफी कराने का काम करता था. विजय की शादी भी इसी 29 नवम्बर को थी और बरात पूर्णिया जाना था. इस बीच संजय सागर और उसके छोटे भाई विजय में व्यवसाय के साथ ही दूसरी महिला के साथ अवैध सम्बन्ध और छोटी बहन को डांस कराने को लेकर विवाद चरम पर पहुंच गया. और घटना हो गयी.

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