भूमि विवाद में दो पक्षों में जमकर रोड़ेबाजी, आधा दर्जन लोग हुए जख्मी

पटना/फुलवारीशरीफ (अजीत कुमार) : फुलवारी शरीफ के अंदा पकौली गांव में जमीनी विवाद में दो पक्षों में जमकर रोड़ेबाजी हुयी. रोड़ेबाजी में आधा दर्जन लोगों के जख्मी होने की खबर है. रोड़ेबाजी और मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. घटना से गांव में दो गुटों में जबरदस्त तनाव का माहौल बना है. सूचना मिलते ही सीओ अरुण कुमार, थानेदार धर्मेंद्र कुमार भारी पुलिस बल लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया.
जानकारी के मुताबिक अंदा पकौली गांव में 6 डिसमिल जमीन पर दो गुट अपना कब्ज़ा जमाये रखने को लेकर भीड़ गए. कई दिनों से गांव में दोनों गुटों में तनातनी चली आ रही थी. स्थानीय मुखिया पति मुकेश सिंह का गुट जमीन पर कब्जा कर मंदिर निर्माण के लिए घेराबंदी कराने लगा जिसका उपेन्द्र वर्मा गुट के लोगों ने पुरजोर विरोध किया. उपेन्द्र वर्मा का कहना है की गांव में पहले से मंदिर है तो फिर यहां मदिर बनाने की कोई जरूरत नहीं.
इसके बाद रविवार को सुबह दोनों गुट आमने सामने हो गए. दोनों ओर से जमकर पथराव होने लगा. जबरदस्त तनावपूर्ण माहौल में गांव में अफरा-तफरी मच गयी. इस बीच देवेन्द्र सिंह, उपेन्द्र वर्मा, कृष्णा सिंह, सिंह के घरो पर जमकर पथराव किया जाने लगा. देवेन्द्र सिंह के घर के शीशे चकनाचूर हो गए जबकि उपेन्द्र वर्मा के गैराज पर जमकर रोड़े बाजी हुई. उपेन्द्र वर्मा गुट ने आरोप लगाया है कि मुखिया सुनीता देवी के पति मुकेश सिंह, बालेश्वर कुमार उर्फ़ पज्जु सिंह, ब्रह्मदेव सिंह, विश्वनाथ सिंह, अरविन्द, अपने समर्थकों के साथ रोड़ेबाजी करते हुए मारपीट किया. जिसमे मीणा देवी, कृष्णा सिंह, भीम कुमार, सत्येंद्र सिंह, मीणा देवी, निरंजन सिंह जख्मी हो गए.
उपेन्द्र वर्मा ने बताया कि यह जमीन उनके पूर्वज ने दान में दी थी. वहीं मुकेश सिंह का कहना है की ज़मीन राउदी महतो की है जो अब जीवित नहीं हैं. इस ज़मीन पर वर्ष 1956 में सामुदायिक भवन बना था जो अभी जर्जर हालत में हो गया था. उपेन्द्र वर्मा के परिवार को छोड़ पूरा गांव इस जमीन पर फिर से सामुदायिक भवन निर्माण करना चाह रहे थे. मुखिया पति मुकेश सिंह ने आरोप लगाया की मुन्ना सिंह और उपेन्द्र वर्मा का परिवार इस ज़मीन पर अपना कब्ज़ा जमाना चाह रहे थे जिसका पूरे गांव वालों ने विरोध किया. वहीं के ग्रामीणों ने बताया कि उसी सामुदायिक भवन में वर्ष 1964 में सरकारी स्कूल भी संचालित होता था, जिसमे उन लोगों ने भी पढ़ाई की थी.
अंदा पकौली गांव पहुंचे सीओ अरुण कुमार ने बताया की 6 डिसमिल रैयती जमीन पर विवाद था जो राउदी महतो के नाम है. इस ज़मीन पर पहले भी सामुदायिक भवन था और सरकारी फंड मुहैया होने पर यहां सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जायेगा. उन्होंने बताया की दोनों पक्षों को समझा बुझा कर शांत करा दिया गया.
एएसपी राकेश कुमार ने बताया की मामले की छानबीन की जा रही है. उपद्रव करने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. थानेदार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में दो गुटों में झगड़ा हुआ था, जिसे समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया. गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर पुलिस गश्त तेज कर दिया गया है.
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