ये है पटना का बहादुर बच्चा यशराज, किडनैपर्स के चंगुल से कैसे भागा, बताई पूरी कहानी

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पटना/बिहटा, मृत्युंजय कुमार : पटना के नजदीक मनेर के ब्यापुर से अपहरण कर ले जा रहे छठी क्लास के छात्र ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग अपनी जान बचाई. दरअसल, मनेर से अपहरण कर मारुति वैन से ले जा रहे बिहटा के भगवतीपुर बगीचा में अपहर्ता के हाथ मे दांती काटकर भाग निकला मासूम छात्र. मौके पर नेउरा पुलिस ने पंहुच मामले की छानबीन करते क्षेत्र की नाकेबंदी कर अपराधी को पकड़ने के लिये जांच अभियान चलाया लेकिन अपराधी भाग निकलने में सफल रहे. अपहृत छात्र की पहचान मनेर के व्यापुर निवासी पिंटू महतो का 11 वर्षीय पुत्र सह वर्ग छह का छात्र यशराज कुमार के रूप में की जा रही है.

इस संबंध में यशराज ने बताया कि वह सुबह करीब 10 बजे अपने गांव के बगीचे में खेल रहा था. उसी वक्त मारुति पर सवार चार युवक आये और मेरे सर पर प्रहार कर मुझे पकड़ लिया. वे लोग मेरा चेहरे को गमछी से बांधकर उजला रंग का मारुति वैन में लादकर ले भागे. वे लोग रास्ते मे बिहटा, भगवतीपुर गांव के समीप बगीचा के पास लघुशंका करने के लिये गाड़ी रोक दिये. गाड़ी रुकने के बाद तीन लोग सड़क के किनारे एक बगीचा में लघुशंका करने चले गए. एक अपराधी ने मुझे पकड़ कर रखा था.

मैंने भी लघुशंका करने की बात कही तो गाड़ी से उतार कर आंख से पट्टी खोलकर दूसरी तरफ मुझे लघुशंका करवाने लगा. इसी बीच मैंने उसे अकेला देख उसके हांथ में जोर से दांत गड़ा दिया. जिसके बाद वह चिल्लाते हुए मुझे छोड़ दिया. जिसका फायदा उठाते हुए दूसरे तरफ एक बगीचा में आम तोड़ रहे कुछ लोगों को देख उनके तरफ शोर करते हुए भाग कर पास के एक घर मे घुसकर दरवाजा बंद कर लिया और सारी बाते लोगों को बतायी.

अपहरण का मामला सुनकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उसे पकड़ने के लिये दौड़े तो वे सब बिहटा के तरफ भाग निकले. जिसके बाद ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को मोबाइल से सारी बात की जानकारी दी. इस संबंध में भगवतीपुर बिहटा के ग्रामीणों ने बताया कि अपहर्ता उसे श्रीचंदपुर के रास्ते सदिसोपुर मार्ग से ले जा रहे थे. गांव के बगीचे में हम सब व्यवसायी आम तोड़ रहे थे. यह बालक भाग कर भगवतीपुर गांव के भुखन साव के घर मे जाकर छिप गया.

माजरा देख जब हमलोग दौड़े तो वे सभी अपराधी कार से बिहटा की तरफ भाग निकले. मौके पर पंहुचे मासूम के पिता पिंटू महतो तथा दादा शिवशंकर प्रसाद का कहना है कि मेरा ट्रक का व्यवसाय है. मेरा बेटा यशराज का अपहरण किस लिए किया गया था, यह समझ मे नहीं आ रहा है. हम लोगों का किसी के साथ कोई दुश्मनी और विवाद नहीं है. यशराज का एक छोटा भाई करीब 3 वर्ष का है. वहीं इस संबंध में थाना प्रभारी ने प्रशांत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बतलाया कि सकुशल छात्र को परिजनों को सौंप मामले की छानबीन की जा रही है. इधर यशराज के हिम्मत और बहादुरी की चर्चा हर ओर हो रही है.

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