पर्दाफाश : बिहार में लूटते थे गाड़ी, झारखंड में होती थी बिक्री

पटना : मोकामा और हाथीदह के बीच सुनसान जगहों पर वाहन लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाला गैंग बिहार में गाड़ियों को लूटता था और झारखंड के जंगलों में गाड़ियों को छिपाया जाता था. गाड़ियों का सौदा होने के बाद गाड़ियों को झारखंड में ही बेच दिया जाता था. हाथीदह थानाध्यक्ष द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूरे गिरोह का उदभेदन हो गया. हाथीदह एसएचओ अविनाश कुमार ने बताया कि मोकामा, हाथीदह और बेगूसराय में लूट की कई घटनाओं को अंजाम देने में नवगछिया जिला के गोपालपुर थाना अंतर्गत साकेत कुंवर की संलिप्तता सामने आई है और सभी घटनाओं का मास्टरमाइंड और सरगना भी वही है.

साकेत कुंवर लूट की हर घटना में नए अपराधियों का इस्तेमाल करता था और लूटी गई गाड़ियों को नवगछिया के तेतरी निवासी अनमोल पासवान को सौंप देता था. आगे का काम अनमोल पासवान करता था. सैदपुर निवासी साकेत कुंवर अपने साथियों के साथ खुद लूट की घटनाओं को अंजाम देता था और लूट की सभी गाड़ियों को अनमोल पासवान के हवाले कर सौदा तय करने के काम में लगा देता था. एक पिकअप वैन और एक ट्रैक्टर के एवज में अनमोल पासवान ने साकेत कुंवर को डेढ़ लाख रुपया भी दिया था. पुलिस के गिरफ्त में आए झारखंड के गोड्डा निवासी सज्जाद हुसैन ने बताया कि तेतरी निवासी अनमोल पासवान उसके पास गाड़ियों को पहुंचा देता था. हालांकि उसने साकेत कुंवर को पहचानने से इंकार कर दिया.

हाथीदह थानाध्यक्ष अविनाश कुमार की मानें तो साकेत कुंवर एक शातिर अपराधी है तथा कई बार पुलिस को चकमा देकर निकल चुका था. हाथीदह थाना क्षेत्र में बीते 15 दिनों में एक के बाद एक लूट की चार घटनाओं को अंजाम दे कर पुलिस को भी उसने परेशानी में डाल दिया था. 6 फरवरी को स्विफ्ट डिजायर लूट कर भागने के दौरान भागलपुर के सुलतानगंज इलाके में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी लेकिन वहां से भी वह पुलिस को चकमा देकर निकल भागा. हालांकि उस दौरान सुल्तानगंज थाने में हुई पूछताछ में उसने हाथीदह थाना क्षेत्रों में लगातार लूट की चार घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और लूट की सभी गाड़ियों को तेतरी निवासी अनुमोल पासवान के हाथों बेचे जाने की बात भी स्वीकार की थी.

सुलतानगंज थाने में हिरासत में रहने के दौरान की गई पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि पुलिस की वर्दी में बेगूसराय के बरौनी में ढाई लाख रूपए लूट की घटना को भी इसी ने अंजाम दिया था. बांका में बीडीओ की गाड़ी पर भी इसने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. सुल्तानगंज पुलिस की लापरवाही से अंतर्राज्यीय वाहन लूट गिरोह का सरगना तो निकल भागा लेकिन इसके गिरोह के सारे कारनामे पुलिस के सामने आ चुके हैं.

पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में छापामारी कर रही है. गिरफ्तार सज्जाद हुसैन ने बताया कि बिहार से लूटी गई पिकअप वैन को 70 से 90 हजार में झारखंड में बेचा जाता था, वहीं ट्रैक्टर को एक से डेढ़ लाख बीच में बेच दिया जाता था. लूट की गाड़ियों की बिक्री के बाद मिलने वाली रकम का आधा हिस्सा साकेत कुंवर को मिलता था और आधे रूपयों को बाकी लोगों में बांटा जाता था.

यह भी पढ़ें- राशन कार्ड बनाने और सुधार में आधार कार्ड जरूरी

AAP के बिहार कार्यालय में लगा ताला, नहीं रहा अब कोई ‘आशियाना’

आलू लदे ट्रक से 21सौ पाउच देसी शराब बरामद, 2 गिरफ्तार

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*