यूपी फार्मूला से बिहार में जमीन तैयार कर रही बीजेपी

लाइव सिटीज डेस्क : भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से बिहार में अपनी जमीन तैयार करने के लिए कमर कस रही है. उत्तर प्रदेश की तरह  बिहार में भी रणनीति तैयार की जा रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्हें पार्टी को देश के कोने-कोने तक ले जाने को कहा है. वहीं बिहार भाजपा की नई कार्यसमिति भी बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है. 

भाजपा के 37वें स्थापना दिवस पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संसदीय मीटिंग में कहा कि भारतीय जनता पार्टी को देश के प्रत्येक कोने में ले जाना है. उन जगहों पर जहां पार्टी की पकड़ नहीं है या कभी पकड़ थी लेकिन अब नहीं है. बीजेपी को देश के एक-एक हिस्से में अपनी जमीन तैयार करनी है.

शायद यही कारण है कि 2015 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद एक बार फिर से भाजपा बिहार में अपने पार्टी की लहर चाह रही है.

बता दें कि 19 अप्रैल को अमित शाह बिहार के दौरे पर होंगे. वे बिहार में पटना से चंपारण तक की  यात्रा सड़कमार्ग से करेंगे. वे वहां महात्मा गाँधी के नेतृत्व में हुए चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह में शरीक होंगे. 

वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह कार्यक्रम पहले से ही तय था. बिहार यात्रा  अमित शाह का निजी निर्णय था. बता दें कि अमित शाह की  यह यात्रा ठीक बिहार बीजेपी की नई कार्यसमिति के गठन के बाद हो रही है. बीजेपी उत्तरप्रदेश की तरह ही यहाँ भी कास्ट कॉम्बिनेशन पर ध्यान दे रही है.  अगड़ी-पिछड़ी जाति के कॉम्बिनेशन से एक बार फिर बीजेपी बिहार में अपना संगठन मजबूत करना चाह रही है.

आपको बता दें कि बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय भाजपा से सांसद हैं  जो कि यादव समुदाय से आते हैं. उनकी टीम में 30 सदस्य पिछड़ी जाति, महादलित और अति पिछड़ी जाति  से आते हैं. पार्टी में सीनियर पदों पर आसीन एक नेता ने कहा कि  30 अफसरों में से 16 बैकवर्ड कास्ट से हैं तो वहीं 14 फॉरवर्ड कास्ट वालों को जगह दी गई है.

सबसे ख़ास बात यह है कि बिहार भाजपा कि नई कार्यसमिति में जितने भी लोग हैं सबकी औसत उम्र 50 साल से कम है. इसका साफ़ मतलब यह है कि जो पिछले 20 सालों से पार्टी में डिसीजन मेकिंग पदों पर थे उन्हें नई कार्यसमिति में कोई जगह नहीं दी गई है.  भाजपा कि बिहार इकाई बिलकुल नए लुक में नजर आ रही है. 

भाजपा की नई कार्यसमिति में प्रोफेशनल बैकग्राउंड से आने वाले लोगों को तरजीह दी गई है. JNU के छात्र रहे दो नेता  सुशील चौधरी और देवेश कुमार को पार्टी में अहम पदों पर नियुक्त किया गया है. सुशील चौधरी को जहां पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है, वहीं देवेश कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

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