राजीव नगर में छिपी थी बॉबी, प्रमिला समेत कुल 5 की हुई गिरफ्तारी

पटना : शौचालय घोटाला मामले में पटना पुलिस की एसआईटी के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है. बख्तियारपुर की एनजीओ मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान की अध्यक्ष बॉबी कुमारी और कोषाध्यक्ष प्रमिला सिंह को अरेस्ट कर लिया गया है. एसआईटी ने इनकी मदद करने वाले तीन और शख्स को अरेस्ट किया है. इनमें कन्हैया कुमार, सुरक्षित कुमार और रोशन कुमार शामिल हैं. कुल मिलाकर बुधवार को एसआईटी ने इस घोटाला में 5 लोगों का पकड़ा.

 

अब तक इस घोटाला में 9 लोगों को पुलिस ने अरेस्ट किया है जिसमें तीन महिलाएं हैं. बेबी और प्रमिला मामला सामने आने के बाद से फरार चल रही थी. बेबी पटना के ही राजीव नगर इलाके के एक अपार्टमेंट के फ्लैट में छिपी हुई थी. टोल में लगी एसआईटी को जैसे ही उसके छिपे होने का पता चला, छापेमारी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया गया. फिर इसकी निशानदेही पर प्रमिला और बाकी कि के तीन लोगों को पकड़ा गया.

गौरतलब है कि मंगलवार को इसी एनजीओ के सचिव मनोज कुमार को कोर्ट में सरेंडर करने से पहले पकड़ा गया था. इनके पास से एक लग्जरी कार भी बरामद की गई थी. एसएसपी मनु महाराज की मानें तो जब्त की गई कार घोटाले के रुपयों से ही खरीदी गई थी. जांच और पूछताछ के दौरान इस बात की पुष्टि हो चुकी है.

बिटेश्वर से था कनेक्शन

खास बात ये है कि गांव के लोगों के लिए स्वच्छ भारती मिशन और लोहिया स्वच्छ योजना की शुरूआत की गई थी. दोनों ही योजना के तहत एनजीओ का कोई रोल नहीं है. लेकिन घोटाले के लिए एनजीओ के बैंक अकाउंट को बड़ी ही चालाकी के साथ इस्तेमाल किया गया. इसके एवज में बतौर कमीशन मोटी रकम दी गई. एसएसपी के अनुसार बेबी और मनोज से फरार रोकड़पाल बिटेश्वर का कनेक्शन था. इनके एनजीओ के बैंक अकाउंट में दो करोड़ 14 लाख 57 हजार 400 रुपये ट्रांसफर किए गए थे. ये सारे रुपए 5—6 दिनों के अंतराल पर इसी साल जून महीने में ट्रांसफर किया गया.

दो नए एनजीओ के नाम आए सामने

जिस वक्त घोटाले का एफआईआर दर्ज किया गया था, उस दौरान सिर्फ 4 एनजीओ के नाम ही सामने आए थे. लेकिन जैसे—जैसे पूरे मामले की जांच आगे बढ़ी. वैसे—वैसे कई बड़े राज सामने आए. सबसे बड़ा खुलासा ये है कि घोटाले में शामिल एनजीओ की संख्या 4 से बढ़कर अब 6 हो गई है. सामने आए दो एनजीओ के नाम को पुलिस ने अभी गुप्त रखा है.

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