पर्दे के पीछे है कोई ब्लैकमेलर, रूम में लड़की के आने पर गार्ड से लेकर स्टाफ तक वसूलते थे रुपए

पटना : 23 दिसंबर को पटना पुलिस ने जिस सेक्स रैकेट का खुलासा किया था, उसमें बहुत झोल है. पर्दे के पीछे से खेली गई एक बड़ी प्लानिंग है. प्लानिंग सेटिंग और ब्लैकमेलिंग का है. असलियत वो नहीं है, जो हमें दिखाया और बताया गया. असलियत तो कुछ और ही है. जो लाइव सिटीज की पड़ताल में सामने आया. चलिए हम आपको पूरा मामला डिटेल से समझाते हैं. बोरिंग रोड के आद्री गली में रंगोली अपार्टमेंट है. इस अपार्टमेंट के फर्स्ट और थर्ड फ्लोर पर गार्जियन ब्यॉज हॉस्टल चलता है. बिहार शरीफ के रहने वाले जिस चंदन झा को पुलिस ने सेक्स रैकेट का संचालक बता गिरफ्तार किया था, वो इसी हॉस्टल में थर्ड फ्लोर पर स्थित कमरा नंबर 410 में रहता था. अपने छापेमारी के दौरान पुलिस ने चंदन के साथ ही अनिसाबाद के रहने वाले उसके दोस्त दिव्य भारती को भी अरेस्ट किया था. साथ ही अम्बा गर्ल्स हॉस्टल की रहने वाली दो लड़कियों को पुलिस ने इन दोनों युवकों के साथ कमरे के अंदर से बरामद किया था. हालांकि पुलिस की जांच में अब तक अम्बा गर्ल्स हॉस्टल को कोई रोल सामने नहीं आया है.  रात के अंधेरे में कार से आई थी गर्ल्स हॉस्टल की दो लड़की, सेक्स रैकेट में थी शामिल

हॉस्टल बिल्डिंग
— यहां से शुरू हुआ खेल
जिन दो लड़कियों को पुलिस ने बरामद किया, उनमें से एक लड़की चंदन राज की गर्ल फ्रेंड है. जबकि दूसरी लड़की दिव्य भारती की गर्ल फ्रेंड थी. पड़ताल के दौरान जो सबसे बड़ी बात सामने आई वो ये है कि चंदन की गर्लफ्रेंड कोई पहली बार ब्यॉज हॉस्टल में नहीं आई थी. चंदन के कमरे में वो पहले भी कई दफा आ चुकी है. रात में रह भी चुकी है. इस बात की पुष्टि हॉस्टल में रहने वाले कुछ स्टूडेंट कर चुके हैं. चंदन की गर्लफ्रेंड हॉस्टल में आती है, उसके कमरे में ठहरती है और सुबह होने पर जाती है. इस बात को गार्जियन ब्यॉज हॉस्टल का संचालक, स्टूडेंट्स को खाना खिलाने वाला अनिल कुमार शर्मा और अपार्टमेंट का गार्ड शशि, तीनों ही जानते थे. स्टूडेंट्स और सोर्स की मानें तो इस पूरे मामले को जानबूझकर सेक्स रैकेट का रूप दिया गया है.
— लाखों में थी रुपए ऐंठने की तैयारी
चंदन की गर्लफ्रेंड जब भी उसके कमरे में आती थी, इसका पता किसी को न चले. इस लिए चंदन से हॉस्टल का स्टाफ अनिल कुमार शर्मा और गार्ड शशि दोनों ही रुपए ठगा करते थे. लेकिन बात दबी नहीं रहती थी. लड़की के कमरे में होने की जानकारी हॉस्टल संचालक और दूसरे स्टूडेंट्स को भी पता  थी. इस बात को वहां रहने वाले कुछ स्टूडेंट्स ने कबूल भी किया है. सोर्स की मानें तो इसी आधार पर हॉस्टल के एक खास शख्स ने प्लानिंग की. उसने पहले से ही स्टाफ और अपार्टमेंट को हिदायत दे रखी थी. स्टूडेंट्स की मानें तो जैसे ही 22 दिसंबर की रात चंदन की गर्लफ्रेंड अपनी दोस्त को लेकर आई और उसके कमरे में गई. वैसे ही इसकी जानकारी गार्ड ने हॉस्टल स्टाफ को दी और फिर इसने अपने खास शख्स को. कुछ ही देर में खास शख्स मौके पर पहुंच गया. फिर उसने लाखों में रुपए ठगने की प्लानिंग रची और इसे सेक्स रैकेट का रूप दिया.
— सुबह में नहीं, बल्कि रात में ही हुई थी छापेमारी
23 दिसंबर को अपने खुलासे में एसके पुरी थाने की पुलिस ने बताया था कि उनकी टीम ने सूचना मिलने पर अहले सुबह छापेमारी की थी. हॉस्टल के स्टूडेंट्स, स्टाफ और गार्ड से हुए बातचीत में असलितय कुछ और ही सामने आई. अपने प्लान के तहत खास शख्स ने लड़की के चंदन के कमरे में जाने के ठीक आधे घंटे के अंदर ही एसके पुरी थाने की पुलिस टीम से कांटैक्ट किया. उससे बात करने के तुरंत बाद ही पुलिस की टीम रंगोली अपार्टमेंट पहुंची. फिर चंदन के कमरे में गई और छापेमारी कर सभी को बरामद किया. उसी टाईम सभी को थाना ले जाया गया. सोर्स की मानें तो इस दौरान सभी को छुड़वाने के नाम परे लाखों रुपए के डील की जाने लगी. तोलमोल करने के चक्कर में सुबह हो गया. फिर मीडिया के जरिए मामला पटना पुलिस के सीनियर अधिकारियों तक जा पहुंचा. इसके बाद ही आनन—फानन दोनों लड़कों को जेल भेज दिया गया. जबकि लड़कियों को छोड़ दिया गया.
— फरार चल रहा है हॉस्टल संचालक और फ्लैट का मालिक
इस पूरे केस में सबसे बड़ा दोषी हॉस्टल संचालक डीके गुप्ता को माना जा रहा है. जब पहली बार चंदन के कमरे में उसकी गर्लफ्रेंड आई थी, उसी टाईम उसे कड़ी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. स्टूडेंट्स की मानें तो हॉस्टल के उस खास शख्स को ब्लैकमेल करने और रुपए ठगने की आदत है. नाम न छापने की शर्त पर एक स्टूडेंट ने बताया कि खास शख्स सिगरेट पीते  हुए लड़कों का फोटो किसी तरह ले लेता है और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर रुपए ठगता है. इसी तरह उसने चंदन और उसके दोस्त से मोटी रकम ठगने की कोशिश की थी.फिलहाल सेक्स रैकेट का जो केस एसके पुरी थाने में दर्ज हुआ है, उस मामले में हॉस्टल संचालक और किराए पर फ्लैट देने वाले डॉक्टर साहब नामजद हैं. थानेदार की मानें तो दोनों ही फरार चल रहे हैं.

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