कैबिनेट का फैसला : सातवां वेतनमान, थोड़ा और करें इंतजार…

लाइव सिटीज डेस्क : मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 44 प्रस्ताव पेश किये गये, जिनमें 43 को मंजूरी मिली. रिटायर्ड आइएएस अधिकारी जीएस कंग की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय वेतन कमेटी का कार्यकाल 31 मार्च को ही समाप्त हो रहा था, जिसे बढ़ा  कर अब 31 मई तक कर दिया गया है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य सरकार अपने करीब पांच लाख कर्मचारियों को नये वेतनमान का लाभ देगी. मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बजट सत्र के दौरान विधानसभा में सातवें वेतनमान आयोग की सिफारिशों का लाभ एक जनवरी, 2017 के प्रभाव से देने की घोषणा कर चुके हैं.

सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के तहत राज्य कर्मियों को वेतन दिये जाने को लेकर गठित राज्य वेतन आयोग का कार्यकाल दो माह के लिए बढ़ा दिया गया है. इसका कार्यकाल तीन माह था, जो 31 मार्च को समाप्त हो रहा था. पूर्व मुख्य सचिव जीएस कंग की अध्यक्षता में आयोग गठित है. गौरतलब हो कि एक जनवरी, 2017 के प्रभाव से सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा का लाभ देने की घोषणा मुख्यमंत्री कर चुके हैं. आयोग की रिपोर्ट आने के बाद नया वेतन देने की कार्रवाई शुरू होगी.

इसके अलावा राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन की कवायद तेज कर दी है. इसके गठन के लिए नियमावली तैयार करने की मंजूरी कैबिनेट की बैठक में दे दी गयी. आयोग की नियमावली तैयार होने के बाद इसके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. आयोग का गठन होने के बाद राज्य के सभी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति इसके जरिये ही की जायेगी. अभी इस पद पर नियुक्ति बीपीएससी के माध्यम से हो रही है. इसके अलावा बिहार पॉलिटेक्निक नियमावली को भी मंजूरी दे दी गयी है. अब सभी पॉलिटेक्निक में शिक्षकों समेत अन्य की बहाली के लिए मार्गदर्शिका तैयार हो जायेगी.

आर्यभट ज्ञान विवि में तीन नये कोर्स
आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में जल्द ही तीन नये कोर्स शुरू होंगे. कैबिनेट की बैठक में इस पर भी मुहर लगायी गयी. इसके लिए राज्य सरकार ने विवि को एक करोड़ 13 लाख रुपये भी जारी किये हैं. जिन तीन नये   कोर्सों की पढ़ाई होगी, उसमें जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, अर्थशास्त्र   और रिवर स्टडीज शामिल हैं. इन कोर्सों को सुचारु ढंग से संचालित करने के   लिए शिक्षा विभाग ने विवि को हर तरह की सुविधा देने की बात कही है.
सात जिलों में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर
सात   जिलों में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर खोले जायेंगे. वर्तमान में सिर्फ पटना   में यह केंद्र काम कर रहा है. अब ऐसे केंद्र गोपालगंज, बेगूसराय, दरभंगा, सारण, पूर्णिया, गया समेत सात जिलों में भी खोले जायेंगे.   इन केंद्रों के माध्यम से रेप, घरेलू हिंसा और अन्य तरह के अत्याचार से पीड़ित महिलाओं को इलाज, काउंसेलिंग और कानूनी सुझाव समेत अन्य सभी सुविधाएं मुहैया करायी   जायेंगी. इनका संचालन समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत किया जाता है.

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