CBSE आपके बच्चों की इन किताबों पर रखेगा नजर

लाइव सिटीज डेस्क : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अब अपने स्कूलों में पढ़ाये जाने वाले प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों पर नजर रखेगा. बोर्ड ने इसके लिए ऐसे किताबों की एक निश्चित समय अंतराल पर रिव्यु करने का प्लान बनाया है. बोर्ड द्वारा यह निर्णय केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और NCERT के अधिकारियों के साथ कई दौर की मीटिंग के बाद लिया गया है. इसका उद्देश्य है कि CBSE के सभी विद्यालयों में नेशनल कर्रिकुलम फ्रेमवर्क के अधीन ही पढाई हो. बोर्ड के चेयरमैन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.

सीबीएसई के चेयरमैन ने आदेश दिया है कि एक कमिटी समय-समय पर विभिन्न पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करे. बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कुछ किताबें जैसे कंप्यूटर साइंस का प्रकाशन एनसीईआरटी नहीं करती है. स्कूलों को इस मामले में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबे चलाने की अनुमति रहेगी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार CBSE ने देश भर के अपने विद्यालयों में इस साल NCERT किताबों की पर्याप्त सप्लाई की योजना बनायीं है. इसके लिए 32 लाख किताबें छापने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार की कोशिश है कि छात्रों और अभिभावकों को किताब की कमी न हो जिससे वो प्राइवेट पब्लिकेशन की महंगी किताबें खरीदने को बाध्य हो जाएं. इस बारे में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर बाजार में किताबों की कमी कर दी जाती है. इससे संबंधित कई शिकायतें आती रही हैं. जिसको देखते हुए बोर्ड ने यह कदम उठाया है.

स्कूलों ने ऑर्डर देने के लिए और समय देने का आग्रह किया था, जिसके बाद बोर्ड ने ऑर्डर देने की तारीख 22 फरवरी से बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय सीबीएसई और एनसीईआरटी के साथ नियमित तौर पर बैठकें कर रहा है.

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