कल से भरिये महज एक पेज का आयकर ई-रिटर्न,जानें सबकुछ यहां…

लाइव सिटीज डेस्क (आशु प्रज्ञ मिश्र) : अब आयकर रिटर्न भरने के लिए कागजों के ढेर से जूझने की कवायद आपको नहीं करनी पड़ेगी. शुक्रवार को सरकार ने आयकर रिटर्न भरने के लिए एक पेज का आसान फॉर्म जारी किया है. लेकिन इस फॉर्म में आपको आधार नंबर के साथ ही दो लाख रुपये से अधिक जमाराशि वाले खातों की जानकारियां भी उजागर करनी होंगी.

आयकर रिटर्न भरने के लिए पुराने सात पेज वाले फॉर्म की जगह नया आयकर फॉर्म सहज—1 लेगा. इसमें वह तमाम कॉलम नदारद मिलेंगे जो पुराने फॉर्म में हुआ करते थे. सहज फॉर्म को उस व्यक्ति को भरना होगा जिसकी व्यक्तिगत या अचल संपत्ति या वेतन से आय 50 लाख रुपये सालाना तक है. अभी तक सहज या फॉर्म—1 को वेतनभोगी कर्मचारियों या फिर अविभाजित हिन्दू परिवार के मुखिया द्वारा भरा जाता था, जिनकी आय व्यापार से प्राप्त आय नहीं मानी जाती थी.

प्रतीकात्मक फोटो

सरकार ने आयकर फॉर्म—2 ऐसे लोगों के लिए जारी किया है जिनकी आय या तो व्यक्तिगत या फिर अविभाजित हिन्दू परिवार में व्यापार, पेशेवर या फिर शेयर बाजार से होती है. इस फॉर्म को वह लोग भी भरेंगे जिनका कारोबार भारत में है लेकिन उनके पास कोई विदेशी संपत्ति नहीं है. सहज फॉर्म को भरने के लिए 12 अंकों के बायोमीट्रिक पहचान प्रणाली वाले आधार नंबर की भी जरूरत पड़ेगी. आधार के साथ ही पैन नंबर और यदि नोटबंद के बाद दो लाख रुपये से अधिक जमा करवाए हैं तो उसकी जानकारी भी देनी पड़ेगी. वहीं आयकर रिटर्न फॉर्म—2 और फॉर्म—3 भरने वाले लोगों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत में अपनी संपत्ति और देनदारियों की घो​षणा करने की भी व्यवस्था की गयी है.

भारत में आयकर फॉर्म भरने वाले 29 करोड़ लोगों में से महज 6 करोड़ लोगोें के पास ही पैन कार्ड है. रिटर्न भरने की नई व्यवस्था एक अप्रैल 2017 से काम करना शुरू कर देगी. जहां पर अंतिम तिथि यानी कि 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा. हालांकि पुराने आयकर फॉर्म में भी आधार का उल्लेख करने वाला कॉलम था, लेकिन सरकार ने इसी हफ्ते आयकर एक्ट में संशोधन के जरिए इसका उल्लेख करना आवश्यक कर दिया है.

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अधिसूचना जारी करने के साथ ही बयान दिया है कि आय मूल्यांकन वर्ष 2017—18 के लिए नया आयकर रिटर्न फॉर्म सहज—1 बड़ा सुधार है. इसे महज एक पेज तक सीमित करके हमने लोगों की मुश्किलों को आसान कर दिया है. नए फॉर्म में आयकर की गणना और कटौती को आसानी से समाहित किया जा सकेगा.

नया सहज-1 फॉर्म. फोटो साभार : BusinessStandard

निजी जानकारियों के बजाय आयकर फॉर्म भरने वाले को सिर्फ अपने वेतन, पेंशन, घर के मुखिया की आय और अन्य स्रोतों से आय जैसे ब्याज जुड़ी जानकारियों को ही विभाग से साझा करना होगा. करयोग्य आय का निर्धारण होने के बाद मानक कटौतियों की गणना की जा सकेगी.

इसके बाद के कॉलम में बैंक खाते की जानकारियां भरनी होंगी. अपने एडवांस में जमा टैक्स, स्व निर्धारित कर ​और टैक्स कटौतियों की जानकारी या फिर आय के स्रोत पर लगने वाले कर की जानकारी अगले कॉलम में देनी होगी. बैंक खाते की जानकारी वाले कॉलम में ही आपको यह भी जानकारी देनी होगी कि कहीं आपने बीते 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक अपने खाते में 2 लाख रुपये से अधिक जमा तो नहीं किए.

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का कहना है कि नया आयकर रिटर्न फॉर्म व्यक्ति आयकरदाता की मुश्किलों को आसान करेगा. इस नए फॉर्म से 2 करोड़ से अधिक करदाताओं को सुविधा होगी जो आसान तरीके से अपना आयकर दाखिल कर सकेंगे. पुराने आयकर फॉर्म में जहां आयकर कटौती के 20 कॉलम थे वहीं नए फॉर्म में महज चार कॉलम दिए गए हैं. जिसमें सेक्शन 80सी, 80डी, 80जी और 80 टीटीए को ही भरने की जरूरत होगी.

बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि अब नौ या सात फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी. अब आयकर फॉर्म संख्या 2, 2ए और 3 की बजाय सिर्फ नए आयकर फॉर्म—2 को ही भरने की जरूरत होगी. इस तरह अब तीन फॉर्म की जगह सिर्फ एक फॉर्म ही भरना होगा. हालांकि आयकर फॉर्म 4 और 4एस को अब फॉर्म 3 और फॉर्म4 (सुगम) के नाम से जाना जाएगा. फॉर्म भरने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इन्हें अब भी इंटरनेट या डिजिटली भरा जा सकता है.

प्रतीकात्मक फोटो

जबकि, आयकर फॉर्म एक और फॉर्म—4 भरने वाले व्यक्ति की आयु 80 वर्ष या उससे अधिक होगी, या फिर चाहें व्यक्तिगत या फिर हिन्दू अविभाजित परिवार जिसकी आय पांच लाख सालाना से अधिक न हो. उन्हें रिटर्न में क्लेम करने पर रिफंड नहीं मिलेगा. हालांकि उनके पास कागज का रिटर्न फॉर्म भरकर जमा करने का विकल्प रहेगा.

फॉर्म भरते वक्त करदाता को पैन नंबर, आधार नंबर, व्यक्तिगत जानकारी और चुकाए गए करों की जानकारी साझा करनी होगी. इससे टीडीएस की रकम फॉर्म में अपने आप भर जाएगी. पिछली एक जुलाई को लोकसभा में पेश होने के बाद पारित वित्तीय बिल—2017 में किए गए सुधारों के अनुसार किसी भी करदाता को आधार नंबर देना अनिवार्य होगा. यदि उसने आधार के लिए आवेदन दे रखा है तो उसे आवेदन का नंबर ही वेबसाइट में देना होगा.आयकर फॉर्म 4 जिसे व्यक्तिगत या अविभाजित परिवार द्वारा भरा जाता है जिनकी आय का जरिया व्यापार या पेशे जैसे डॉक्टर, वकील आदि से होने वाली आय है, अब सुगम के नाम से जाना जाएगा. नया फॉर्म पुराने फॉर्म—4 और 4एस की जगह लेगा.

वित्तीय फर्म नांगिया एंड कंपनी के सह प्रमुख सूरज नांगिया ने बताया कि सुधार वर्ष 2017—18 के हिसाब से आसान आयकर रिटर्न फॉर्म सहज के अपने फायदे हैं. सहज अब उन लोगों को नहीं मिल पाएगा जिनकी वार्षिक आय पचास लाख रुपये से अधिक है. या जिनकी संपत्ति से होने वाला लाभ 10 लाख रुपये सालाना से अधिक है. इस फॉर्म के आने भर से ही बेनामी संपत्ति और काला धन रखने वाले तबाह हो जाएंगे.

जबकि फॉर्म—4 (सुगम) को ऐसे लोग इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे जिनका लाभांश सालाना दस लाख रुपये से अधिक है. या ​फिर जिनकी आय का बड़ा हिस्सा नकद, गुमनाम निवेश और काले धन में जाता है. अभूतपूर्व बदलाव के साथ ही कालेधन के खिलाड़ियों के लिए अभी और कदम उठाए जाने बाकी हैं जिसके जरिए उनकी बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा किया जा सके.

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