बाल नाटक ‘सुसू’ का मंचन आज पटना में

लाइव सिटीज डेस्क (विमलेन्दु कुमार सिंह) : बिहार में बात अगर बाल रंगमंच या चिल्ड्रेन थियेटर की करें तो यह बिल्कुल ही मरणासन्न स्थिति में है. कुछ खास अवसरों पर स्कूलों में आयोजित होने वाले इक्का-दुक्का नाटकों को अगर छोड़ दें तो आपको बाल नाट्य की प्रस्तुति शायद ही कहीं देखने को मिलेगी. इस नाउम्मीदी के गहन घटाटोप तिमिर में अगर उम्मीद की किरण कहीं दिखाई देती है तो बस किलकारी, बिहार बाल भवन पटना में.

किलकारी, बिहार बाल भवन, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित संस्था है और बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व एवं कौशल विकास में अपनी स्थापना के समय से ही सतत् समर्पित रही है. यहां की बाल रंग मंडली पूरे बिहार के बाल रंगमंच की उम्मीदों को जीवित रखे हुए है. बहुत कुछ ‘एकला चलो रे’ की तर्ज पर. जाहिर तौर पर इस उम्मी‍द को जिंदा रखने का श्रेय किलकारी की निदेशिका ज्योति परिहार को तो जाता ही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके पीछे सबसे बड़े सूत्रधार किलकारी के नाट्य प्रशिक्षक रविभूषण मुकुल हैं जिनका समर्पण जुनून की हद को भी लांघ चुका है और सच तो यह है कि अपने प्रशिक्षु बच्चों में भी जुनून के जीवाणु का बीजारोपण करने में वह सफल रहे हैं जो बच्चों की प्रस्तुति में दर्शकों को नजर आ जाती है.

किलकारी, बिहार बाल भवन, पटना के नवनिर्मित ऑडिटोरियम की अगली दो शाम, दो नाट्य प्रस्तुतियों के नाम हैं. पहली प्रस्तुति 5 मई की शाम 5 बजे निर्धारित है, ‘सुसू’ जो कि एक चिल्ड्रेन प्ले है और पर्यावरण एवं जलवायु में आ रहे बदलाव की कहानी का चित्रण करती है. लेखक रविंद्र भारती की इस कृति को निर्देशित किया है विनोद राई ने जबकि रंग परिकल्पना रविभूषण मुकुल की है. इसमें संगीत विनोद राई, धीरज दास और रोहित चन्द्रा का है. रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज के प्रतिभागी रह चुके अभिषेक इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे हैं.

इस कड़ी में दूसरी प्रस्तुति ‘बापू’ आगामी 6 मई को संध्या 4.45 बजे निर्धारित है. हालांकि यह बच्चों की प्रस्तुति तो नहीं है अलबत्ता बच्चों के लिए जरूर है. चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में इसे विशेषतौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है. यह प्रस्तुति गांधी जी के जीवन एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नंद किशोर आचार्य जी के आलेख पर आधारित है. परवेज अख्तर के निर्देशन में जावेद अख्तर खां अपना एकल अभिनय प्रस्तुत करेंगे. किलकारी के लिए यह नटमंडप, पटना की प्रस्तुति होगी. तो पटना में रह रहे बच्चों एवं बच्चों के अभिभावकगण हो जाइए तैयार, एक इन्फोएडुटेन्मेन्ट् (इन्फॉर्मेशन, एडुकेशन और एंटरटेन्मेुन्ट) भरी शाम को आपका बड़ी बेसब्री से इंतजार है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*