बिजली उपभोक्ताओं को मिल गयी राहत,मुख्यमंत्री ने किया सब्सिडी का एलान

पटना : राज्य सरकार ने बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सदन में इसकी घोषणा की है. पिछले हफ्ते बिजली दरों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद से ही विपक्षी पार्टियों और आम लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया था. हालांकि तब यह तय नहीं था कि बढ़े बिजली दरों में किस श्रेणी में कितनी कमी होगी. आज मुख्यमंत्री ने सदन में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आज बजट सत्र के अंतिम दिन बिहार विधानसभा में की गयी घोषणा के अनुसार अब शहरी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1 रुपये 49 पैसे का अनुदान मिलेगा और वहीं ग्रामीण ग्रामीण इलाके में विनियामक आयोग की अनुशंसा पर पुराने रेट 6 रुपये 45 पैसे पर भी 3 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट का अनुदान मिलेगा. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरों की घोषणा की गयी है.

नई दरों के तहत कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को 3 रुपये 59 पैसे प्रति यूनिट का अनुदान मिलेगा जबकि कृषि कार्य के लिए 4 रुपये 29 पैसे प्रति यूनिट का अनुदान मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए अलग बिजली दर रखा गया है और ग्रामीण इलाके में कृषि कार्य में सहायता पहुंचाने के लिए वहां बिजली दर कम रखा गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनियों को 2952 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा जो पिछले वर्ष से 248 करोड़ रुपये अधिक है. मालूम हो कि बिहार में पिछले दिनों बिजली की दरों में 55 फीसदी का इजाफा किया गया था. इस इजाफे का विरोध होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर अगले दो-तीन दिनों में ऊर्जा विभाग अनुदान संबंधी समीक्षा की थी जिसके बाद यह निर्णय लिया.

विनियामक आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी की मानें तो बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों ने पिछले साल 15 नवंबर को टैरिफ याचिका दायर की थी. दोनों बिजली वितरण कंपनियों नाॅर्थ व साउथ बिहार ने भी अलग-अलग टैरिफ याचिका दायर की थी. आयोग ने आदेश देने के पहले प्रमंडलों में जनसुनवाई की. बिजली कंपनी व उपभोक्ताओं की दलीलों को सुना. पड़ोसी राज्यों के टैरिफ की समीक्षा की गयी. आयोग ने अगले वित्तीय वर्ष में सोलर व गैर सोलर नवीकरणीय ऊर्जा 7.75% खरीदने को भी कहा है. अगले वित्तीय वर्ष में नाॅर्थ बिहार बिजली वितरण कंपनी को 28 और साउथ बिहार बिजली वितरण कंपनी को वितरण क्षति 24% तक लाने को कहा है.

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