‘महापुरूषों से बिना भेदभाव सबकी सेवा करने की सीख ली है हमने’

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को राजधानी के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में रविदास चेतना मंच द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की 640वीं जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि गुरू रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा संत शिरोमणि गुरू रविदास जी पूजा पद्धति पुस्तक का विमोचन भी किया गया.

इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कार्यक्रम को आयोजित कराने के लिए मंत्री शिवचंद्र राम को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गुरू रविदास एवं बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर दोनों ने शिक्षा पर बल दिया था. जब मैं सरकार में आया था, तब साढ़े बारह प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर थे. स्कूल से बाहर बच्चों को वापस स्कूल पहुंचाने का प्रयास शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि हमने सर्वे कराया तो पता चला कि स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों में सबसे ज्यादा महादलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के हैं. बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिये टोला सेवक को बहाल किया गया. साथ ही अल्पसंख्यकों के लिये तालिमी मरकज की नियुक्ति की गयी. उन्होंने कहा कि इसके फलस्वरूप अब एक प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूल से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ करना है. हमें शिक्षा की गुणवता पर ध्यान देना है.

नीतीश ने कहा कि हम सभी ने महापुरूषों से लोगों की सेवा करना सीखा है. हम बिना भेदभाव के सबकी सेवा करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी कोई योजना ऐसी नहीं है जो कुछ लोगों के लिये सीमित हो बल्कि हमारी येाजनायें सबों के लिये है. हम सबों को जोड़कर समाज को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि जो समाज को तोड़ते हैं, उनके प्रति आकर्षित नहीं होना चाहिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हर तबके के लिये काम किया गया है. समाज के अंतिम पायदान पर रह रहे लोगों को सरकारी येाजनाओं की पूर्ण जानकारी देने के लिये विकास मित्र की नियुक्ति की गयी ताकि समाज के अंतिम पायदान पर रह रहे लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि समाज में जागृति आयी है. हमने समाज के हर तबके के विकास के लिये योजनायें बनायी है.

मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपनी सात निश्चय की योजनाओं का जिक्र भी किया. साथ ही शराबबंदी की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि निश्चय यात्रा के दौरान हमने पंचायतों में जाकर देखा है कि किस तरह से सात निष्चय योजनाओं का काम चल रहा है.

इस अवसर पर समारोह को उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी संबोधित किया. उनके साथ ही सहकारिता मंत्री आलोक कुमार मेहता, कला, संस्कृति मंत्री शिवचन्द्र राम, विधायक लाल बाबू राम, विधायक सूबेदार दास, विधायक राजेन्द्र राम, विधायक चंदन राम इत्यादि कई लोगों ने संबोधित किया.

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