फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर 7 सालों से बना था विकास मित्र, DM ने दिया है FIR का आदेश

पटना : एक शातिर का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर वो पिछले 7 सालों से विकास मित्र बना हुआ था. पटना के डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया है और पूरे मामले का खुलासा कर दिया है. फर्जीवाड़ा करने वाले शातिर का नाम परशुराम दास है.

फर्जी मार्क्सशीट और सर्टिफिकेट दिखाकर साल 2010 में ये दानापुर के पतलापुर पंचायत में विकास मित्र बन गया था. लेकिन पतलापुर पंचायत के ही रहने वाले रमेश कुमार को परशुराम दास के फर्जीवाड़े का पता चल गया. रमेश ने डीएम के पास परशुराम के खिलाफ कंप्लेन कर दी.

संजय अग्रवाल, डीएम, पटना

डीएम ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया. इसके बाद दानापुर के एसडीएम को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया. जांच के क्रम में एसडीएम बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से बात की. फिर परशुराम दास के मार्क्सशीट और उसके सर्टिफिकेट की जांच कराई गई.

जांच में पता चला कि आॅरिजनल मार्क्सशीट परशुराम दास को 421 नंबर ही मिले थे. जबकि धोखाधड़ी करते हुए उसने 421 की जगह 424 नंबर वाला फर्जी मार्क्सशीट पेश किया था. जबकि डीएम के पास कंप्लेन करने वाले रमेश को 423 नंबर मिले थे.

संजय अग्रवाल, डीएम, पटना

विकास मित्र के लिए किए गए नियोजन के वक्त फर्जी सर्टिफिकेट और रमेश के नंबर से एक नंबर अधिक होने के कारण सेलेक्शन परशुराम दास का कर दिया गया था. एसडीएम की जांच रिपोर्ट आने के बाद फर्जीवाड़े के इस पूरे खेल का खुलासा हो गया है. परशुराम दास की चालबाजी अब सबके सामने आ चुका है.

शनिवार को डीएम ने परशुराम दास के विकास मित्र के नियोजन को कैंसिल कर दिया है. साथ ही इनके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी सर्टिफिकेट पेश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*