नालंदा यूनिवर्सिटी की नई VC बनीं सुनैना सिंह,विवादों में अंतरिम वीसी पंकज मोहन

Dr Vijay Bhatkar

लाइव सिटीज डेस्क : राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में नए वाईस चांसलर की नियुक्ति हो गयी है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सुनैना सिंह के नाम पर मुहर लगा दी है. सुनैना सिंह फिलहाल इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी, हैदराबाद की वाइस चांसलर हैं. मिल रही जानकारी के अनुसार उनके नाम पर मुहर मंगलवार को ही लगा दी गयी थी. हालांकि नालंदा विश्वविद्यालय में नियुक्ति पत्र बुधवार की शाम पहुंचा है.

द वायर की खबर के अनुसार विश्वविद्यालय के चांसलर की नियुक्ति के लिए कुल 135 नामों पर विचार किया गया था. इनमें 6 का इंटरव्यू लेकर 3 नाम राष्ट्रपति के पास नियुक्ति के लिए भेजे गए थे. इन 3 नामों में सुनैना सिंह का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है. इससे पहले बीते जनवरी में राष्ट्रपति ने जाने-माने साइंटिस्ट और आईटी लीडर के नाम से मशहूर डॉ. विजय भटकर को नालंदा विश्वविद्यालय का चांसलर नियुक्त किया था. भटकर ने तत्कालीन प्रभारी वाईस चांसलर प्रोफेसर पंकज मोहन से चार्ज लिया था.

बता दें कि 25 नवम्बर 2010 को गोपा सुब्बाराव को नालंदा विश्वविद्यालय का पहला वीसी बनाया गया था. गोपा का कार्यकाल 24 नवम्बर 2016 को समाप्त हो गया था. इसके बाद पंकज मोहन प्रभारी वीसी बने.

फिलहाल विवादों में हैं वीसी पंकज मोहन

नालंदा विश्वविद्यालय के वर्तमान वाईस चांसलर प्रोफेसर पंकज मोहन फिलहाल विवादों में फंसे हैं. उनपर आरोप है कि विश्वविद्यालय की कई छात्राओं के यौन शोषण के आरोपी कुछ छात्रों को वो बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय में छात्र बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि इस मामले में ीविश्विद्यालय समिति द्वारा लीपापोती की जा रही है और एफआइआर तक नहीं की गई है.

मामले में 1 आरोपी निलंबित

उधर छात्रों के बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कुलपति ने बुधवार को दो आरोपी छात्रों में से एक को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है. पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार ने बुधवार को कुलपति ऑफिस के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शांत कराया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने धरना दे रहे छात्रों को कुलपति से मिलाया और दोनों के बीच बातचीत के बाद मामला खत्म हो गया.

                       फोटो साभार : IndiaToday.in

क्या है मामला

नालंदा विश्वविद्यालय की मीडिया प्रभारी स्मिता पोलाईट ने इस बारे में बताया कि एक महीने पूर्व दो छात्रों के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत मिली थी. ये दोनों छात्र बक्सर और गया जिले के निवासी हैं. विश्वविद्यालय की शिकायत जांच समिति ने इस मामले की जांच कर गत 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. जिसके बाद कार्रवाई के नाम पर एक आरोपी छात्र को मंगलवार को दूसरे छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया था.

पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि बुधवार को निलंबित किये गए आरोपी छात्र जो पिछले कुछ दिनों से अपने सहपाठियों और कुलपति को धमकी भरा मेल भेज रहा था, उसपर फिलहाल उन्होंने मामला दर्ज करने को कहा है.

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