गाइडलाइन जारी : अब होटल व रेस्त्रां में बेफिक्र खाइए, नहीं देना पड़ेगा सर्विस चार्ज

लाइव सिटीज डेस्क : यदि आप होटल एवं रेस्त्रां में खाने के शौक़ीन है  तो आपके लिए थोड़ी राहत भरी खबर है. अक्सर आप होटल में खाना खाने के बाद जब बिल पे करते हैं तो आपको सर्विस चार्ज देना पड़ता है. उस सर्विस चार्ज के अलावा  यदि  वेटर सामने खड़ा है तो टिप भी देना पड़ता है.  लेकिन खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय  ने ऐसे होटलों और रेस्त्रां  पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है.

अब होटल, रेस्त्रां के बिलों में सेवा शुल्क लगाना पूरी तरह से ग्राहक पर निर्भर करेगा, इसे अनिवार्य तौर पर नहीं लगाया जा सकता. सरकार ने होटल व रेस्टोरेंट में खाने अथवा अन्य किसी सेवा के लिए सर्विस चार्ज पर पर दिशानिर्देश जारी किये हैं. केंद्रीय उपभोक्ता मामले व खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने बताया कि होटल व रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज खुद तय नहीं कर सकते हैं. यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं की मर्जी पर छोड़ देना चाहिए. 

मंत्री ने कहा कि होटल एवं रेस्तरां सेवाशुल्क नहीं तय करेंगे बल्कि यह ग्राहक के विवेक पर निर्भर करेगा। इन दिशानिदेर्शों को अब जरूरी कारवाई के लिये राज्यों को भेजा जायेगा. पासवान ने ट्वीट किया, सरकार ने सेवाशुल्क पर दिशानिदेर्शों को मंजूरी दे दी है। दिशानिदेर्शों के अनुसार सेवाशुल्क पूरी तरह से स्वैच्छिक है न कि अनिवार्य.

उन्होंने लिखा, होटल एवं रेस्तरां को यह नहीं तय करना चाहिए कि ग्राहक कितना सेवाशुल्क दें बल्कि यह ग्राहक के विवेक पर छोड़ दिया जाना चाहिए.  मंत्री ने कहा, दिशानिदेर्श जरूरी कार्रवाई हेतु राज्यों को भेजे जा रहे हैं.

दिशा निर्देश के मुताबिक बिल में सेवाशुल्क भुगतान के हिस्से को खाली छोड़ा जायेगा जिसे ग्राहक द्वारा अंतिम भुगतान से पहले अपनी इच्छा से भरा जायेगा.

उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यदि सेवा शुल्क अनिवार्य रूप से लगाया गया है तो ग्राहक उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुमार्ना एवं कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती है क्योंकि वर्तमान उपभोक्ता सुरक्षा कानून मंत्रालय को ऐसा करने का अधिकार नहीं देता है. लेकिन नये उपभोक्ता सुरक्षा विधेयक के तहत गठित किये जाने वाले प्राधिकार के पास कार्रवाई करने का अधिकार होगा.

पिछले हफ्ते पासवान ने कहा था, सेवा शुल्क का कोई अस्तित्व ही नहीं है. यह गलत ढंग से लगाया जा रहा है. हमने इस    मुद्दे   पर परामर्श पत्र तैयार किया है. हमने उसे मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कायार्लय में भेजा है. 

सर्विस चार्ज व टैक्स में फर्क

एक और तथ्य यह है कि सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट या होटल अपनी सेवा के बदले में वसूल करते हैं, जिसमें वेटर की टिप को शामिल कर लिया जाता है. अगर भुगतान कर दिया जाता है तो फिर वेटर को अलग से टिप देने की जरूरत नही है.

इसके अतिरिक्त ग्राहकों को सर्विस टैक्स का भी भुगतान करना होता है. बाहर खाने पर सर्विस टैक्स तो देना ही होगा. होटल या रेस्टोरेंट को आपके खाने के बिल पर सर्विस टैक्स वसूलने का कानूनी अधिकार है, जिसे सरकारी खजाने में जमा कराना होता है.

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