पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच बिहटा में किसानों ने रोका पावर ग्रिड कंस्ट्रक्शन का काम   

पटना (मृत्युंजय कुमार) : बिहटा में चल रहे पावर ग्रिड के कंस्ट्रक्शन वर्क को किसानों ने रोक दिया है. बिहटा के किसान बनाए जा रहे पावर ग्रिड का विरोध कर रहे हैं. कंस्ट्रक्शन वर्क को रूकवाने के लिए काफी संख्या में किसान सामने आए. जबकि मौके पर पहले से भाड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद थी.
पुलिस फोर्स की मौजूदगी में किसानों ने पावर ग्रिड कंस्ट्रक्शन का विरोध किया और इसका काम रूकवा दिया.
किसानों का गुस्सा देख वहां मौजूद पुलिस फोर्स कुछ नहीं कर स​की. ये पूरा मामला बिहटा के डुमरी इलाके का है. जहां गुरुवार को डीएम के निर्देश पर कंस्ट्रक्शन वर्क शुरू किया गया था.
लॉ एंड आॅर्डर में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी. लेकिन काम के शुरू होते ही इलाके के किसानों का गुस्सा उबल पड़ा. विरोध में उतरे किसानों ने जमकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ  नारेबाजी की. काफी देर तक वहां मौजूद किसान और इनके समर्थन में आए इलाके के लोगों ने हंगामा किया.
किसानों का कहना था कि पहले ही हमलोगों की खेती करने वाली सैकड़ो एकड़ जमीन का अधिग्रहण सरकार ने कर लिया. अब पावर ग्रिड में पावर की सप्लाई के नाम पर गांव के चारो तरफ बिजली का हाईवोल्टेज तार का जाल बिछाया जा रहा है. चारों तरफ बिजली का जाल बिछने से लोगों का गांव में रहना मु​श्किल हो जाएगा.
डेवलपमेंट के नाम पर सरकार लोगों को मारना चाहती है. किसानों का आरोप है कि इस निर्माण में स्कूल और घर का भी ख्याल नही रखा जा रहा है. अधिकारी अपने मन से जहां—तहां बिजली का खम्भा गाड़ दे रहे हैं.
किसानों ने सरकार को अल्टिमेटम दिया है. अगर गांव के चारो तरफ पोल गाड़ने के काम को तुरंत नही रोका गया तो सभी कोई मिलकर सामूहिक आत्मदाह करेंगे.
सीओ का ये है कहना 
वहीं दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी रघुवीर प्रसाद की मानें तो बिहटा सहित आस पास के क्षेत्रों का जिस तरह से विकास हो रहा है. उसमें सरकार का आकलन है की बिहटा के पूर्ण विकास के लिये करीब 400 मेगा वाट बिजली की आवश्यकता होगी. इसकी पूर्ति के लिये बिहटा डुमरी मौजा में  220/132/33केवी का पावर ग्रिड बनाया जाना है. इससे बिहटा ग्रिड सहित दूसरे कई ग्रिड को जोड़ने की तैयारी है. जोड़ने का काम बिहार स्टेट पावर  ट्रांसमिशन कंपनी कर रही है. लेकिन निर्माण कार्य बीते एक साल से स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण बंद है.

काम को शुरू कराने के लिए किसानों के साथ कई बार मीटिंग हुई. जिसके बाद ही काम को शुरू किया गया. लेकिन काम शुरू होते फिर से किसानों ने विरोध शुरू कर दिया. अब सीनियर अधिकारियों के निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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