पद्मश्री डॉ. एसएन आर्या की जमीन पर बनेगा देश का पहला हिन्दू तीर्थ भवन

पटना : बिहार में देश का पहला हिन्दू तीर्थ भवन का निर्माण होने जा रहा है. राजधानी पटना में इस भवन का शिलान्यास करने विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया सोमवार को पटना आएंगे. देश का यह पहला हिन्दू तीर्थ भवन पटना के आशियाना नगर में बनने जा रहा है. हिन्दू पंथ के सभी तीर्थयात्रियों के लिए इसके दरवाजे खुले रहेंगे. इसमें हिन्दुओं के अलावा सिख, जैन, बौद्ध तथा सभी पंथों एवं संप्रदायों के लोग इसमें आकर ठहर सकते हैं. भवन का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा. 

बता दें कि भवन के लिए पटना के पद्मश्री डॉ. एसएन आर्या ने जमीन दी है. बोकारो के आर्किटेक्ट सुभाष नेत्रगांवकर ने मॉडल तैयार किया है. बोकारो स्टील सिटी के डिजाइन में नेत्रगांवकर की प्रमुख भूमिका रही है.

पद्मश्री से सम्मानित सदस्य की है बड़ी भूमिका
पटना की प्रमुख 11 हस्तियों ने ट्रस्ट बनाकर हिन्दू तीर्थ भवन के निर्माण का बीड़ा उठाया है. ट्रस्ट का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इनमें डॉ. एसएन आर्या समेत तीन पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित सदस्‍य शामिल हैं. भवन में देशभर के सभी प्रमुख तीर्थों की जानकारी होगी. साथ ही बिहार से जुड़े सभी तीर्थों के मॉडल बनाए जाएंगे.

विश्व हिन्दू परिषद बिहार के विशेष संपर्क प्रमुख अनिल कुमार ने बताया कि बिहार आने वाले तीर्थ यात्रियों को अगले वर्ष से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेशों से आने वाले तीर्थ यात्रियों के राजधानी में रुकने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. उन्हें सही तरीके से मार्ग दर्शन भी नहीं मिलता है. पंडों एवं पुजारियों के चंगुल में फंसकर उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लूटपाट की घटनाएं भी होती हैं.

ट्रस्ट में बिहार के बड़े-बड़े डॉक्टर हैं.
ट्रस्‍ट में पद्मश्री डॉ. एसएन आर्या, पद्मश्री आरएन सिंह (हड्डी रोग विशेषज्ञ), पद्मश्री डॉ. जीतेंद्र कुमार सिंह (कैंसर रोग विशेषज्ञ), राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व सदस्य जस्टिस राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. बसंत कुमार (हृदय रोग विशेषज्ञ), शतांक आर्य, व्यवसायी महावीर मोदी आदि शामिल हैं. इसके लिए पहले से प्रयास किया जा रहा था. प्रतिनिधिमंडल कई बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास प्रस्ताव लेकर भी जा चुका था. 

हॉल, म्यूजियम, पूछताछ केंद्र भी बनेगा
पांच हजार स्क्वायर फीट में बनने वाले इस भवन का निर्माण कई चरणों में होगा. इसमें 12 बड़े कमरे होंगे. दो सौ लोगों के लिए एक सभा हॉल होगा. एक म्यूजियम बनाने की भी तैयारी है. इसके अलावा तीर्थ यात्रियों की सहूलियत के लिए पूछताछ केंद्र भी बनाया जाएगा. कोई भी तीर्थयात्री यहां से बिहार से संबंधित तीर्थ स्थलों की जानकारी ले सकता है.

कई तरह की सुविधाएं भी दी जाएगी

पटना से झारखंड के वैद्यनाथ धाम, सीतामढ़ी, गया, नेपाल के जनकपुर आदि प्रमुख तीर्थ स्थलों तक जाने, वहां ठहरने एवं अन्य तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी. रजिस्ट्रेशन कराने वाले यात्रियों की पूरी यात्रा के दौरान निगरानी व विशेष हिफाजत की जाएगी. रास्ते में तबियत खराब होने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता भी मिलेगी. किसी हादसे एवं अन्य मुसीबत आने पर कारसेवा की व्यवस्था होगी.

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