शराब से कीजिए तौबा, पाइए रोजी-रोटी

पटना : शराबबंदी के बाद शराब के अवैध कारोबार करने वालों से पुलिस यदि सख्ती से निबट रही है तो उनके बीच रोजगार के नए अवसरों का आश्वासन देकर मुख्यधारा में लाने की कोशिश भी कर रही है. पटना जिला के बाढ़ के टाल क्षेत्र स्थित फतेहचंद गांव में शराबबंदी को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अनोखी पहल की है. इसके तहत शराब का उत्पादन, बिक्री और सेवन को पूरी तरह बंद करने के लिए अधिकारियों की टीम गांव में पहुंचकर चौपाल लगाया. अधिकारियों ने लोगों को शराबबंदी कानून की जानकारी दी और शराब का अवैध धंधा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की.

इस मौके पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद, अनुमंडलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी व थानाध्यक्ष मनोज सिन्हा, बीडीओ, मनरेगा अधिकारी, जीविका अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे. एसडीओ सुब्रत सेन ने कहा कि गांव में शराब के खिलाफ अभियान चलाने का उद्देश्य इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में शामिल करना है. शराब से तौबा करने वाले लोगों के लिए मनरेगा योजना के तहत मौके पर ही जॉब कार्ड बनाकर तुरंत मनरेगा की योजना में रोजगार दिया जायगा. इसके लिए गांव में दो योजनाओं का चयन कर लिया गया है जबकि महिलाओं को जीविका के माध्यम से समूह बनाकर उन्हें रोजगार दिया जायगा. अनाथ बच्चों को परवरिश योजना के तहत लाभ मिलेगा.mokama_kumar-krishna_awareness-on-sharab

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद ने कहा कि शराब पीकर आदमी अपना स्वास्य, परिवार और समाज तीनों को बर्बाद करता है. अपर पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने कहा कि जो लोग अब भी इस धंधे को नहीं छोड़ते हैं उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बताते चलें कि टाल का फतेहचंद गांव सालों से शराब के उत्पादन के लिए बदनाम रहा है. पुलिस व प्रशासन की इस अनोखी पहल का गांव के लोगों ने जोरदार स्वागत किया है.

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