नाबालिग साली ने कहा- मैंने कर ली है जीजू से शादी…

फुलवारी शरीफ (अजीत): समाज में नाते रिश्तो की ख़त्म हो रही अहमियत के बीच शहर में बहनोई के घर  में बंधक बनी साली को पुलिस के द्वारा मुक्त कराये जाने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म हो गया.  लोगों में चर्चा होने लगी की कैसा दिन आ गया अब परिवार में दुःख की घडी में हाथ बंटाने के लिए कोई कैसे अपने बच्चों को भेजेंगे. मामले को लेकर फुलवारी शरीफ थाने में घंटो माथापच्ची होती रही. बरामद लडकी के परिजन थाने में नाबालिग को समझाने में लगे थे. दरअसल नाबालिग लड़की ने कहा कि उसने बहनोई संग शादी रचा ली है . पुलिस में मामला पहुँचते ही बहनोई फरार हो गया. 
फुलवारी शरीफ थाने में वैशाली के महुआ के रसूलपुर से आई लड़की की माँ , बहन और अन्य परिजनों ने पुलिस को बताया की नया टोला में बहनोई अशफाक अहमद ने साली को बच्चों की देखभाल के लिए डेढ़ माह पहले लाया था. अशफाक की बीबी सरवरी खातून की बीमारी के चलते तीन माह पहले ही मौत हो चुकी थी. उसके दो बच्चे अलीशा (6 वर्ष ) और अली आजम (सवा साल ) की देख रेख के लिए अशफाक ने अपनी नाबालिग साली को महुआ से डेढ़ माह पहले अपने घर नया टोला , फुलवारी लेकर आया था. 
इसके बाद जब भी लड़की को वापस घर भेजने की बात कही जाती तो बहनोई अशफाक टाल मटोल करने लगा. इसके बाद परिजनों नव फुलवारी शरीफ थाना पहुंचे और पुलिस से मदद मांगी.  पुलिस इन्स्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार , एसआई शशि और दल बल के साथ नया टोला पहुंचे और लड़की के परिजनों की निशानदेही पर बहनोई के घर से लड़की को मुक्त करा थाने ले आयी. इस मामले में लडकी की बहन अपनी छोटी बहन को वापस ले जाने की जिद करती रही वहीँ माँ पशोपेश में फंसी रही. 
इस संबंध में ट्रेनी आईपीएस सह थानेदार योगेन्द्र कुमार ने बताया की लड़की को उसका बहनोई अपने घर जबरन रखे हुए था. लड़की के परिजनों के थाने से मदद मांगने पर पुलिस ने उसे मुक्त कराया. पुलिस को परिजन जो लिखित आवेदन देंगे उसके आधार पर आगे की करवाई की जाएगी.

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